छुईखदान। नगर का गौरव जल्द ही अपने नये स्वरूप में दिखेगा। बदहाल गौरवपथ का जीर्णोद्धार शुरू हो गया है। सात जून को नईदुनिया ने बदहाली पर आंसू बहा रहा गौरव पथ खबर प्रमुखिता से प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने सुध ली और गौरवपथ का जीर्णोद्धार शुरू किया। लंबे समय से गौरव पथ बदहाल अवस्था में है। गौरव पथ में लाइट की भी व्यवस्था नहीं है। जिसके चलते हरपल अंधेरा पसरा रहता है। नगर पंचायत ने गौरवपथ का जीर्णोद्धार करने का निर्णय लिया है। रविवार को नगर पंचायत अध्यक्ष डा.दीपाली जैन व अफसरों की मौजूदगी में जीर्णोद्धार का कार्य शुरू हुआ।
गौरव पथ निर्माण के लिए चयन किए गए मार्ग स्थानीय बस स्टैंड से पूर्व दिशा की ओर जिसमें शनिचरी बाजार का मुख्य भाग सहित कडरापारा तक गौरव पथ का निर्माण के लिए लगभग करीब 42 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी। पथ निर्माण के लिए निविदा निकाली गई। पथ निर्माण का कार्य आदेश जारी होने के बाद ठेकेदार ने मनमानी करना शुरू कर दिया था। निर्माण में गुणवत्ता हीन निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया। निर्माण में घटिया निर्माण सामग्री की आपत्ति भी गई थी। लेकिन विभागीय अफसरों द्वारा किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई।
बस स्टैंड से कड़रापारा तक बने गौरव पथ में नगर का प्रमुख बाजार स्थित है। जहां प्रायः सभी प्रकार के प्रतिष्ठान है। इन प्रतिष्ठानों में बाहर से जो होलसेल से क्रय की गई सामग्री ट्रकों से आती है उन माल वाहक ट्रकों के दबाव से भी घटिया निर्माण के कारण गौरव पथ का स्वरूप बिगड़ा है। इसके अलावा गौरव पथ में गंदे पानी की निकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं कराए जाने से बरसात का पानी सड़क पर भरता है। गौरव पथ निर्माण के लिए ठोस प्लानिंग नहीं होने के कारण सड़क निर्माण के बाद पाइप लाइन लगने एवं नल के उपयोग के लिए गौरव पथ में अनेक स्थानों पर पथ काटा गया। काटे गए सड़क पर कोई स्थाई मरम्मत नगर पंचायत द्वारा नहीं कराया गया। बदहाल
गौरव पथ के अलावा गौरव पथ रात्रि में पर्याप्त विद्युत व्यवस्था नहीं होने के कारण अंधेरा का लाभ शातिर लोगों ने उठाया। कई दुकानों में चोरी की घटनाएं भी हुई।
गौरव पथ के आसपास अतिक्रमण की बाढ़ आ गई है। नगर पंचायत प्रशासन के समक्ष स्थानीय बाजार में जो व्यवसायिक कांप्लेक्स निर्माण कर आवंटित किया गया है उन कांप्लेक्स धारियों व्यवसायियों द्वारा कांप्लेक्स के अतिरिक्त गौरव पथ पर सेड बनाकर एवं अपने प्रतिष्ठान के समाग्रियों को बिक्री करने गौरव पथ पर अतिक्रमण किया गया है। उसे भी बेदखल करने की जरुरत है। ताकि आमलोगों को आवागमन में सुविधा हो। साथ ही बड़े मालवाहकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना होगा।
