भूमि अधिग्रहण की मुआवजा राशि नहीं मिलने के कारण किसानों की परेशानी बढ़ गई। मुआवजा राशि की मांग को लेकर किसान विभागों का चक्कर लगा रहे हैं। इसके बाद भी क्षेत्र के 129 किसानों को अब तक मुआवजा राशि नहीं मिल पाई है।
गंडई-पंडरिया। भूमि अधिग्रहण की मुआवजा राशि नहीं मिलने के कारण किसानों की परेशानी बढ़ गई। मुआवजा राशि की मांग को लेकर किसान विभागों का चक्कर लगा रहे हैं। इसके बाद भी क्षेत्र के 129 किसानों को अब तक मुआवजा राशि नहीं मिल पाई है। जिसके चलते किसानों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को मुआवजा राशि दिए बैगर सड़क निर्माण शुरू हो गया है। ग्राम पद्मवतीपुर में किसान मोर्चा के जिला महामंत्री और पूर्व जनपद उपाध्यक्ष खम्हन ताम्रकार सिलपट्टी, गोपालपुर, पद्मवतीपुर, सिताड़बरी के किसानों से मुलाकात करके दनिया से छुईखदान तक एबीडी प्रोजेक्ट अन्तर्गत बन रहे सड़क के निर्माण विषय में चर्चा की। किसानों ने बताया की उनकी कृषि भूमि अधिग्रहित करके कंपनी ने सड़क निर्माण प्रारंभ किया है। लेकिन अभी तक कंपनी और राजस्व अधिकारियों द्वारा अधिग्रहित भूमि की मुआवजा प्रकरण तैयार नहीं किया गया है। लगातार राजस्व अधिकारियों को पत्र, ज्ञापन, आवेदन, मौखिक रूप से अवगत कराया गया। लेकिन आज पर्यन्त तक कोई वास्तविक जानकारी किसानों को नहीं है। किसानों ने ये भी कहा है कि पूर्व में बनी सड़क का भी अधिग्रहण प्रक्रिया नहीं हुई थी आज भी पूरी जमीन किसानों के नाम से है, तो जमीन का मुआवजा प्रकरण बने और तत्काल मुआवजे राशि का भुगतान हो।
अफसरों से की चर्चा
भाजपा किसान मोर्चा जिला के महामंत्री खम्हन ताम्रकार ने किसानों की ओर से अधिकारियों से टेलीफोन के माध्यम से चर्चा करके कहा है कि किसानों के मंशाअनुरूप अधिग्रहित भूमि की मुआवजा प्रकरण बनाया जाए। उन्होंने कहा कि एबीडी के अधिकारी 14 व 16 मीटर रोड से अधिग्रहण की बात करते है। जबकि कई-कई जगह किसानों की जमीन 20-24 मीटर की जमीन में सड़क निर्माण किया जा रहा है। ऐसे जगह में जितनी भूमि उपयोग किया गया है उतना का प्रकरण बनाना होगा। उन्होंने कहा है कि पूरी प्रक्रिया होने के बाद प्रकरण की सूची को सार्वजनिक किया जाए और किसानों को दावा आपत्ति का भी समय दिया जाए। भूमि मुआवजा का भुगतान करने के बाद निर्माण प्रारंभ किया जाता है। लेकिन उक्त कार्य मुआवजा प्रकरण का निपटारा किए बिना ही रोड निर्माण प्रारंभ किया गया है। जितनी भूमि अधिग्रहित की गई है उन्हें डर सता रहा है कि कार्य पूर्ण होने के बाद मुआवजा का क्या होगा।
