राजनांदगांव, बोर्ड परीक्षा का परिणाम बेहतर करने जिला प्रशासन ने नया प्रयोग किया है। जिले के अलग-अलग हिस्सों को 24 जोन में बांटा गया है। यहां जिला प्रशासन ने नि: शुल्क कोचिंग की शुरुआत की है। जहां कमजोर परिणाम वाले स्टूडेंट्स को मुख्य परीक्षा में बेहतर रिजल्ट के लिए तैयार किया जाएगा।
शनिवार से 21 जोन के कोिंचंग में पढ़ाई भी शुरु कर दी गई है। पहले दिन 1560 स्टूडेंट्स कोचिंग में शमिल हुए। सोमवार से सभी 24 जोन के कोचिंग में पढ़ाई शुरु की जाएगी। बता दें कि छमाही और प्री -बोर्ड परीक्षा के परिणाम के समीक्षा के बाद यह कार्ययोजना तैयार की गई है। इनमें ऐसे छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया है, जिनका छमाही और प्री बोर्ड परीक्षा में परिणाम कमजोर रहा। विषय से अधिक विषय में अनुत्तीर्ण रहे और नियमित रूप से स्कूल नहीं आते रहे हैं। करीब 2281 स्टूडेंट्स को इस सूची में शामिल किया गया है। कलेक्टर जितेंद्र यादव के निर्देश पर शिक्षकों की टीम द्वारा जिले के 24 स्थानों पर जोन बनाकर इन कमजोर छात्रों को परिणाम बेहतर करने की तैयारी कराई जा रही है।
छमाही और प्री बोर्ड के परिणाम की समीक्षा में सामने आया कि गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे विषयों में ज्यादातर बच्चे फेल हुए हैं। उन विषयों की तैयारी बेहतर तरीके से कराए जाने की जरुरत है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने 5 वर्षों के प्रश्न पत्र, ब्लूप्रिंट पर आधारित प्रश्न तैयार किया गया है। प्रश्न बैंक में परीक्षा में आने वाले प्रश्नों की श्रृंखला है। इसी के माध्यम से कमजोर बच्चों को अध्यापन कराया जा रहा है। ताकि जिले का परिणाम बेहतर हो सके।
जोन कोचिंग के लिए ब्लाक स्तर पर नोडल अधिकारी व मॉनिटरिंग टीम बनाई गई है। शिक्षा विभाग के ओआईसी डिप्टी कलेक्टर है। बीईओ के नेतृत्व में टीम कार्य करेगी। इसके अलावा जिले से प्राचार्यों की टीम बनाई गई है, जिनके द्वारा भी अलग-अलग जोन में जाकर इस कोचिंग के निरीक्षण व कोचिंग में शामिल होने वाले बच्चे और उनके पालकों से तैयारी को लेकर बात की जाएगी।






