वैश्विक महामारी कोविड-19 कोरोना संक्रमण की स्थितियों में काबू पाने के बाद जिला प्रशासन ने व्यापार व्यवसाय के लिए जिले को लगभग 12 घंटे (सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक) के लिए अनलॉक कर दिया है। लॉकडाउन में ढील मिलते ही जहां रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी हर दुकानें खुल गई है और लोगों के चेहरों में खुशियां लौट आई है।
वहीं हालात सामान्य होने के बाद एक बार फिर दुकानों व शासकीय कार्यालयों व निजी संस्थाओं में भीड़ उमड़ने लगी है। अनलॉक एवं हालात सामान्य होते ही जनसामान्य एकबार फिर कोरोना प्रोटोकॉल को भूलकर सामान्य दिनचर्या में लग गए हैं जिससे संक्रमण फैलने का खतरा पुनः मंडराने लगा है। दूसरी लहर नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए समस्याओं व कष्टों से भरा रहा। इस दूसरे दौर में जहां दर्जनों लोगों की कोविड से जाने गई वही हजारों लोगो को संक्रमण की पीड़ाओं से गुजरना पड़ा। कोरोना पर काबू पाने के लिए जिला प्रशासन 10 अप्रैल से संपूर्ण जिले में लाॅकडाउन कर रखा था। 26 मई से लाॅकडाउन में प्रशासन ने 12 घंटे की छूट देते हुए सभी तरह के व्यापार व्यवसाय को खोला दिया है। .
अब सामान्य दिनों की तरह बदल गई लोगों की दिनचर्या
अनलॉक होते ही अब दिनचर्या सामान्य दिनों की तरह नजर आने लगी है। लेकिन लाॅकडाउन खुलने के बाद जनसामान्य फिर कोरोना प्रोटोकॉल के पालन में लापरवाह नजर आ रहा है। अनलॉक होते ही ब्लाॅक मुख्यालय के बैंक आफ बड़ौदा, जिला केन्द्रीय सहकारी मर्यादित बैंक, पंजाब नेशनल बैंक में लेन-देन एवं शासकीय उचित मूल्य की राशन दुकान में दो महीने का मुफ्त का अनाज लेने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। हालात सामान्य व लाॅकडाउन में छूट के चलते लोग कोरोना से पूरी तरह बेपरवाह हो गए हैं। सामाजिक दूरी का पालन तो लोगों ने एक तरह से भूला ही दिया है। जबकि मास्क के अनिवार्य प्रयोग को लेकर भी पूरी तरह लापरवाही बरती जा रही है। इससे संक्रमण का खतरा फिर मंडराने लगा है। आश्चर्य है कि कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कराने के लिए जवाबदेह प्रशासन से जुड़े विभाग व अधिकारियों की उदासीनता कहीं लोगों को भारी न पड़ जाए। इधर विवाहं में तो सैकड़ों लोग पहुंच रहे हैं वहीं अंतिम संस्कार से जुड़े तीज व ग्यारहवें व तेरवहीं के शोक मिलन व भोज कार्यक्रमों में सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंच रहे है।
प्रोटोकॉल व लाॅकडाउन का नहीं हो रहा है पालन
26 मई से जिला प्रशासन ने लॉकडाउन में प्रातः छह से शाम पांच बजे तक ढील दी है। लगभग 12 घंटे का अनलॉक होने के बाद भी ब्लाॅक मुख्यालय एवं ग्रामीण इलाकों में लाॅकडाउन व प्रोटोकाल का ईमानदारी से पालन नहीं हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में देर रात तक दुकानें खुली। व्यापार व्यवसाय सामान्य दिनों की तरह हो रहा है। मांगलिक कार्यक्रम व अंतिम संस्कार से जुड़े आयोजनों में भारी भीड़ उमड़ रही है।
नगर व क्षेत्र में अब भी कोरोना के 26 एक्टिव केस
कोरोना का कहर अब अप्रैल जैसी नहीं है। मई में कोविड से नगर एवं क्षेत्र को काफी राहत मिली है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो अब नगर व इलाके में इक्का-दुक्का मरीज ही संक्रमित निकल रहे हैं। यह स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन ही नहीं सभी के लिए अच्छी बात है पर चिंता इस बात की भी है कि अब पहले की तरह न तो कोई कोविड जांच करा रहा है और न ही संक्रमित निकल रहे मरीजों की प्राइमरी कॉन्टैक्ट में रहे सदस्यों की कोविड जांच हो रही है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नगर में वर्तमान में 15 व ग्रामीण इलाकों में मात्र 11 केस ही एक्टिव है, लेकिन दूसरे दौर में संक्रमण का आंकड़ा डेढ़ हजार से अधिक पहुंच गया है।
कोरोना प्रोटोकॉल का पालन बेहद जरूरी: बीएमओ
डॉ. आरआर ध्रुवे बीएमओ ने बताया कि ब्लाॅक में कोविड के मात्र दो दर्जन एक्टिव केस हैं व हालात सामान्य है। लेकिन अनलॉक होने के बाद अभी काफी सावधानियां बरतने की आवश्यकता है। संक्रमण से बचने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन बेहद जरूरी है।
