राजनांदगांव। जिले से कोरोना का लगभग खात्मा होने जा रहा है। दो माह बाद संक्रमण दहाई के आंकड़ों तक सिमटा गया है। तीन दिनों से जिले में सौ के अंदर ही नए संक्रमित मिल रहे हैं। पहले शहर में संक्रमण नियंत्रण में आया। अब ग्रामीण क्षेत्रों से भी कोरोना डाउन होने लगा है। राहत की बात यह भी है कि रोजाना 6-8 तक पहुंचने् वाला मौत का आंकड़ा एक-दो पर ही सिमट गया है। गुरुवार को जिले में मात्र 87 नए मरीजों की पहचान हुई। शहर से मात्र 18 नए मरीज मिले। पाजिटिविटी रेट 1.32 प्रतिशत रही।
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच हर दिन राहत की खबर आ रही है। गुरुवार को 4160 सैंपल जांच की गई। कुल 87 में से 43 ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज हैं। राहत की बात यह रही कि ब्लाकों में भी कोरोना का संक्रमण थम सा गया है। गुरुवार को किसी भी ब्लाक में नए मरीजों का आंकड़ा दहाई तक नहीं पहुंचा।
मानपुर व चौकी में संक्रमण शून्य
जिले के दो ब्लाकों मानपुर व अंबागढ़ चौकी में गुरुवार को कोरोना का संक्रमण शून्य रहा। मोहला में मात्र दो ही मरीज मिले। छुरिया व डोंगरगांव में पांच-पांच, राजनांदगांव ग्रामीण में छह, छुईखदान में सात, डोंगरगढ़ में आठ व खैरागढ़ में नौ नए मरीजों की पहचान की गई। इसी तरह शहर में जो 18 मरीज चिन्हित किए गए उनमें सिंगदई में चार, सृष्टि कालोनी, बसंतपुर व तुलसीपुर से दो-दो मरीज शामिल हैं। इसके अलावा शंकरपुर, दीनदयाल कालोनी जूनीहटरी, कौरिनभाठा से एक-एक हैं। अन्य क्षेत्रों से चार मरीजों की पहचान की गई है।
पाजिटिविटी रेट में अपेक्षा से कहीं अधिक कमी आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच ौर बढ़ा दी है। गुरुवार को तार हजार 160 सैंपल की जांच की। इनमें 3712 एंटीजन टेस्ट में मात्र 49 पाजिटिव मिलेड। बाकी संक्रमित पुरानी जांच वो हैं। इसके पहले अप्रैल में जांच का आंकड़ा 3500 से आगे नहीं बढ़ पाया था। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. मिथलेश चौधरी ने बताया कि स्थिति में संतोषजनक सुधार है। लोगों की सतर्कता से आगे भी इसे नियंत्रित रखने का प्रयास है। सैंपल जांच भी बढ़ा दी गई है।
कोरोना का खतरा कम भले ही हुआ है, लेकिन अभी यह पूरी तरह से टला नहीं है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही फिर से भारी पड़ सकती है। संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के बाद ही प्रशासन ने लाकडाउन के दौरान लगाई गई पाबंदियों पर सशर्त छूट दी है। लेकिन लोग फिर से लापरवाही बरत रहे हैं। फिर लाकडाउन की नौबत न आने पाए, इसके लिए कोरोना के अनुशासन का पालन करने में ही समझदारी है।
