पाटन। विकासखंड के ग्राम सिकोला में निजी जमीन पर खनिज अधिनियम को धता बताते हुए धड़ल्ले से दिनदहाड़े मुरम का अवैध रूप से खुदाई कर परिवहन किया जा रहा है। अवैध उत्खनन की जानकारी ना तो खनिज विभाग को है और ना ही राजस्व विभाग को। ग्रामीणों में अवैध उत्खनन किए जाने से आक्रोश है। विभाग के अनुसार मुरम खनन के लिए किसी ने अनुमति नहीं ली है। वहीं कोई किसान खेत बनाने मुरम खनन करते है तो वह दो फीट से अधिक गहरा नहीं कर सकता, यहां तो चार फीट से ज्यादा गहरा किया जा रहा है।
सिकोला में जेसीबी के माध्यम से दिनदहाड़े अवैध रूप से मुरम का उत्खनन किया जा रहा है। इससे शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है। मुरम उत्खनन में काफी गहराई देखने को मिल रही है। बताया जाता है कि मुरम खनन कर पाटन के किसी भवन निर्माण में सप्लाई किया जा रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए शासन प्रशासन भी ध्यान नहीं दे रहा है। खनिज विभाग द्वारा लगातार पेट्रोलिंग की जाती है लेकिन इस ओर ध्यान नहीं है।
सिकोला में ही बठेना रोड नर्सरी के पास ही मृदा संरक्षण विभाग द्वारा बांध का निर्माण किया गया है। बताया जाता है कि अवैध उत्खनन करने वालों द्वारा बांध के अंदर से मुरम की खुदाई की जा रही थी, संबंधित विभाग और ग्रामीणों के द्वारा मना किए जाने पर वहां पर मुरम का उत्खनन व परिवहन बंद किया गया।
इस विषय पर मृदा संरक्षण विभाग के सर्वेयर केएल चंद्राकर ने बताया कि बांध का काम अभी अधूरा है। पिचिंग का काम चल रहा है। अभी स्वास्थ्य ठीक नहीं है इस कारण फील्ड में नहीं गया हूं, बांध में खुदाई के लिए किसी को अनुमति नहीं दी गई है।
