राजनांदगांव। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लगातार निजी लैब में कोरोना टेस्ट की अनुमति दी जा रही है। शहर के पारस डायग्नोस्टिक सेंटर को कोरोना टेस्ट की अनुमति दे दी है बता दें कि पारस डायग्नोस्टिक राजनांदगांव का पहला जनवरी 2020 से आईएसओ 9001ः2015 प्रमाणित डायग्नोस्टिक सेंटर है।
यहां पर यह बताना लाजमी है कि पारस डायग्नोस्टिक सेंटर में अति आधुनिक तकनीक की मशीनों को लगाया गया है, जहां से किसी भी बीमारी के सैंपल की जांच विश्वसनीय तरीके से की जाती है। लंबे समय से पारस डायग्नोस्टिक सेंटर शहर में बेहद सस्ते दरों पर अपनी सेवाएं देता आ रहा है, अब शहरवासियों के लिए कोरोनावायरस से संक्रमण के इस दौर में कोरोना टेस्ट की अनुमति मिलने के बाद एक बड़ी सुविधा है।
मिली जानकारी के अनुसार कोविड-19 के बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर कोविड जांच केंद्रों में भीड़ बढ़ रही है। शासकीय जांच केंद्रों में समय पर रिपोर्ट ना मिलने से परेशान राजनांदगांव के लोगों लिए अब राहत भरी खबर है कि राजनांदगांव के प्रथम जनवरी 2020 से आईएसओ 9001ः2015 प्रमाणित पारस डायग्नोस्टिक सर्विसेस को कोरोना जांच की मंजूरी प्राप्त हो गई है।
पारस डायग्नोस्टिक सर्विसेस में ट्रू-नॉट, आरटी-पीसीआर एवं एंटीजेन कोरोना जांच छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा निर्धारित दरों पर की जाएगी। राज्य सरकार कोरोना जांच की दर तय की है। छत्तीसगढ़ में निजी लैब में आरटी-पीसीआर जांच के लिए लोगों को 750 रुपये एवं एंटीजेन के लिए 350 देने होंगे।
