राजनांदगांव । जिले में लाकडाउन 5 मई को खत्म हो जाएगा। अगले दिन से पूरी नहीं तो कम से कम आशिक छूट मिलने की उम्मीद सभी कर रहे हैं, लेकिन इसका फैसला लाकडाउन के दौरान संक्रमण की स्थिति का आंकलन करने के बाद ही किया जाएगा। जिले में अभी कोरोना नियंत्रित होता जा रहा है। लेकिन लाकडाउन के दौरान गांवों से मरीज निकलने का सिलसिला ज्यादा कम नहीं हो पाया है। अंतिम चार दिनों की स्थिति को देखने के बाद ही छूट या लाकडाउन को आगे बढ़ाने पर निर्णय किया जाएगा।लाकडाउन के 20 दिनों में 162 लोगों की जान गई है, जबकि इस अवधि में कुल 17595 नए संक्रमितों की पहचान की गई है। प्रशासन की समीक्षा में इन आंकड़ों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। अंतिम चार-पांच दिनों की स्थिति इसमें अहम मानी जा रही है। यानी इस अवधि में संक्रमण पर नियंत्रण हुआ तो ही पूरी नहीं तो आंशिक राहत मिल सकती है।
जिले में नौ अप्रैल से बंदिशें लागू है। उस दिन जिले में 1096 संक्रमितों की पहचान की गई थी। तब तक जिले में 247 लोग कोरोना सं जान गंवा चुके थे। लाकडाउन के हफ्तेभर बाद भी संक्रमण की दर कम नहीं थी। 16 अप्रैल को 1110 मरीज मिले थे और उस दिन तक कोरोना से कुल मौतों का आंकड़ा 320 पर जा पहुंचा था। यानी लाकडाउन के एक हफ्ते के भीतर ही 73 की मौत हो गई। दूसरा हफ्ता 23 अप्रैल को पूरा हुआ। उस दिन जिले में 982 नए मरीज मिले। इनमें से मात्र 213 शहर के थे। मौत का आंकड़ा उस दिन तक 369 तक पहुंच चुका था। यानी दूसरे हफ्ते में 49 लोगों ने जान गंवाई। बंदिशों के 20वीं दिन तक (29 अप्रैल) मौत का आंकड़ा 409 पर पहुंच गया। इस दिन जिले में कुल 796 संक्रमित मिले जिनमें से 151 शहरी क्षेत्र के रहे। इस तरह लाकडाउन के 20 दिनों में 162 लोगों की जान गई।
बंदिशों के बीच मिले 17595 मरीज लाकडाउन के रूप में बंदिशों के असर उतना प्रभावी नहीं रहा जितनी अपेक्षा की गई थी। बंदिशों के दौरान ही संक्रमण ने 162 लोगों की जान ली। चिंता की बात यह भी है कि इसी अवधि में करीब 18 हजार नए मरीज भी मिले। लाकडाउन वाले दिन जिले में कुल संक्रमितों की संख्या 22393 थी। उस दिन तक एक्टिव केस 6700 थे। गुरुवार तक जिले में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 39988 था व एक्टिव केस 8370 रहे। ऐसे में बंदिशों से ज्यादा राहत की उम्मीद कम ही की जा रही है।
अध्ययन के बाद करेंगे फैसला छह मई से छूट मिले या बंदिशें और आगे बढ़े, या फिर इस पर आंशिक राहत दी जाए, इसका फैसला लाकडाउन के 26 दिनों में तब और अब की स्थिति का आंकलन करने के बाद ही चार मई को प्रशासन को फैसला कर सकता है। सीएमएचो डा. मिथलेश चौधरी के अनुसार सभी पहलुों पर विचार करने के बाद ही आगे के लिए कोई फैसला किया जाना है। इसमें संक्रमण व मृत्यु की दरें, आगे की संभावना आदि पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
कब जिले में शहर में
09 अप्रैल 1096 336
16 अप्रैल 1110 290
23 अप्रैल 982 213
29 अप्रैल 796 151
