गंडई-पंडरिया । कोरोना संक्रमण महामारी के बीच झोलाछाप डाक्टरों की चांदी है। बिना डिग्री के झोलाछाप डाक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। वहीं अंग्रेजी दवाइयां भी धड़ल्ले से दे रहे हैं। इलाज के नाम पर मरीजों से अधिक राशि भी ली जा रही है। शुक्रवार को प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कवर्धा मार्ग स्थित राखी विश्वास की आरोग्य दवाखाना व दनिया स्थित घनश्याम साहू के भारत माता क्लीनिक में दबिश दी। इस दौरान टीम को कई खामियां मिली। क्लीनिक के संचालक अफसरों को दस्तावेज भी नहीं दिखा पाए। जिसके चलतें दोनों क्लीनिकों को सील कर दिया गया है। लंबे समय से दोनों झोलाछाप डाक्टर बेधड़क मरीजों का इलाज कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार त्रिभुवन लाल वर्मा, नायब तहसीलदार भरत लाल ब्रम्हें गंडई, विकास खंड चिकित्सा अधिकारी मनीष बघेल, थाना प्रभारी गंडई शशिकांत सिन्हा, सीएमओ प्रमोद शुक्ला व अन्य मौजूद रहे।
पैथोलाजी लैब की बाढ़ कोरोना संक्रमण बढ़ते ही नगर में पैथोलाजी लैब की बाढ़ आ गई है। लैब में लोग अन्य कई प्रकार के टेस्टिंग के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन इस ओर विभागीय अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है। नगर में बिना नर्सिंग होम एक्ट के तहत लैंब संचालित हो रही है। संक्रमण के दौर में अवैध पैथोलाजी लैब व क्लीनिक का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। यदि कड़ाई से जांच होती है तो अवैध लैब संचालकों का राज खुल जाएगा। मौसम में उतार चढ़ाव के बाद मलेरिया, टाइफाइड वायरल व संक्रमक रोग तेजी से फैल रहा है। बीमारियों की पुष्टि के लिए पैथोलाजी लैब की अहम भूमिका होती है। इनकी एक गलत जांच रिपोर्ट मरीज को मौत के दरवाजे तक ले जा सकती है। लेकिन क्षेत्र में कुछ पैथोलाजी लैबे ऐसे भी हैं जो बगैर पैथोलाजिस्ट के संचालित हो रहे हैं। यहां धड़ल्ले से शुगर, मलेरिया, टाईफाइड, वायरल व अन्य बीमारियों की जांच की जा रही है। नगर की ज्यादातर पैथोलाजी में किसी भी चिकित्सक का नाम लिख कर और उनकी डिग्री पैथोलाजी में चस्पा कर अनुभवहीन लोग धड़ल्ले से जांच कर रहे हैं। जबकि पैथोलाजी संचालन में योग्य पैथोलाजिस्ट का होना अनिवार्य है। पैथोलाजी लैब चलाने के लिए अब एमडी पैथोलॉजिस्ट योग्यता धारक का होना जरूरी माना गया है।
झोलछाप डाक्टरों की शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई। दोनों क्लीनिकों को सील कर दिया गया है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
लवकेश ध्रुव, एसडीएम गंडई
