राजनांदगांव । मेडिकल कालेज अस्पताल में कोरोना का कहर मरीजों के लिए आफत बन गया है। महामारी का खौफ अस्पताल के डाक्टरों पर भी दिख रहा है। शायद यही वजह है कि रात में यहां डाक्टर ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। रात में मेडिकल अस्पताल स्टाफ नर्सों के भरोसे है। डाक्टरों की इसी लापरवाही को लेकर मरीजों के स्वजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। आक्रोशित लोगों ने अधीक्षक चेंबर में तोड़फोड़ भी कर दी। इसकी सूचना मिलते ही बसंतपुर पुलिस की टीम अस्पताल पहुंची। कांग्रेस के कई प्रतिनिधि भी अस्पताल पहुंचे। इसके बाद अस्पताल में अधीक्षक डा. प्रदीप बेक और अन्य डाकटरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। आधी रात तक कांग्रेसी मरीजों के स्वजनों के साथ अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए थे। सीएमएचओ डा. मिथलेश चौधरी के पहुंचने के बाद माहौल शांत हुआ। इसके बाद तहसीलदार रमेश मोर भी अस्पताल पहुंचे। अफसरों की समझाइश के बाद मरीजों के परिजन शांत हुए। गंभीर बात यह है कि अफसरों ने अस्पताल की अव्यवस्था को लेकर अधीक्षक डा. बेक को मोबाइल पर फोन भी किया, लेकिन अधीक्षक ने किसी का फोन रिसीव नहीं किया। इसको लेकर भी कांग्रेसियों ने अधीक्षक डा. बेक पर लापरवाही करने का आरोप लगाया। एनएसयूआई नेता निखिल द्विवेदी ने भी अस्पताल पहुंचकर अधीक्षक की मनमानी की शिकायत की।
00 नर्सों ने कहा, डाक्टर ही नहीं आते सीएमएचओ डा. चौधरी और तहसीलदार रमेश मोर ने जब स्टाफ नर्सो से डाक्टरों के बारे में पूछताछ की तो नर्सों ने बताया कि फोन करने पर भी डाक्टर नहीं आते। इमरजेंसी में फोन करने पर डांटते भी है। ऐसे में उन्हें ही पूरा काम देखना पड़ता है। इन अव्यवस्थाओं को लेकर कांग्रेसियों ने करीब चार घंटे तक अस्पताल में हंगामा किया। कांग्रेसी पार्षद ऋषि शास्त्री ने बताया कि रात में स्टाफ नर्स अपने चेंबर को बंद कर सो जाती है। इस स्थिति में मरीजों को परेशान होना पड़ता है।
इसलिए बढ़ा तनाव मेडिकल अस्पताल के जचकी वार्ड में प्रसूता महिला की कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आ गई। इसके बाद स्वजनों ने स्टाफ नर्सों से जानकारी लेने गए कि प्रसूता नवजात को दूध पिला सकती है या नहीं। इस संबंध में नर्स जानकारी ही नहीं दे पाए। इसकी जानकारी मिलते ही कांग्रेसी पार्षद ऋषि शास्त्री अस्पताल पहुंचे तो मरीजों के स्वजन शिकायत करने पहुंच गए। स्वजनों ने लंबी-चौड़ी शिकायत दर्ज कराई। बताया कि यहां डाक्टर हीं नहीं आते। सीएमएचओ डा. मिथलेश चौधरी ने कहा कि मेडिकल कालेज डीन से मामले की जानकारी ली जाएगी। लापरवाही है। इस तरह की अव्यवस्था से मरीजों को परेशानी ही होगी। इसकी जांच कराएंगे।
