खैरागढ़ । कोरोना जमकर कहर बरपा रहा है। दिन ब दिन संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। वहीं मौतें भी अधिक हो रही हैं। कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रविवार को आदेश जारी कर एसडीएम ने नगर पालिका क्षेत्र में दुकानों के खुलने और बंद होने के समय और शाम छह से सुबह छह बजे तक लाकडाउन घोषणा की। यानी नगर की दुकानें शाम छह बजे तक ही खुली रहेंगी। गौरतलब है कि मार्च के दूसरे पखवाड़े और अप्रैल माह के शुरुआती दिनों से कोरोना के मामलो मे तेजी से बढ़ोतरी हो रही थी। जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने होली पर्व पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाया और धारा 144 लागू कर दिया। इसके बाद भी संक्रमण को लेकर कमी नहीं आने पर एसडीएम निष्ठा पांडेय तिवारी ने नपा क्षेत्र मे शाम 6 से सुबह 6 बजे तक टोटल लाकडाउन की घोषणा के साथ सभी कार्यक्रमों पर प्रतिबंध सहित छूट को लेकर 19 बिंदुओं का दिशा निर्देश जारी किया है, जिसमें आंशिक छूट, प्रतिबंध मुक्त और पहले अनुमति को लेकर जानकारी दी गई। वहीं कंटेनमेंट जोन में इन छूटों के लागू नहीं होने की बात कही गई है। लाकडाउन के दौरान बाहर घूमने फिरने पर कारवाई और बिना मास्क भटकते दिखने पर कारवाई का निर्देश दिए हैं।
0 निर्णय से पहले अधिकारियों ने की रायशुमारी इलाके की स्थिति को देखते हुए लाकडाउन की घोषणा से पहले नपा कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, समाजसेवी संगठनों और अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई, जहां रायशुमारी के बाद शाम से सुबह तक लाकडाउन का निर्णय लिया गया। इसके बाद भी कोरोना संक्रमण के मामलों मे कमी नहीं आने पर टोटल लाकडाउन को लेकर भी चर्चा हुई। हालांकि शनिवार को आंशिक लाकडाउन को लेकर सहमत व्यापारी रविवार सुबह कंटेनमेंट जोन में भी दुकान खोलकर बैठ गए थे। सुबह तकरीबन 11 बजे एसडीएम निष्ठा पांडेय तिवारी, एसडीओपी जीसी पति, थाना प्रभारी नासिर बाठी, सीएमओ सीमा बक्शी सहित पूरा अमला गोलबाजार, बक्शी मार्ग पहुंचे। वहां खुली दुकानों को समझाइश देकर बंद कराया। व्यापारियों के साथ चर्चा मे एसडीएम ने कहा कि लोग बैरिकेट्स हटाकर गाड़ियां ला-ले जा रहे हैं। इस स्थिति मे व्यापारी ही तय करें कि क्या करना चाहिए। इसके बाद नगर पालिका मे बैठक आयोजित कर लाकडाउन का फैसला लिया गया। लाकडाउन का निर्णय आगामी आदेश पर्यंत तक प्रभावशाली रहेगा। सप्ताह भर बाद समीक्षा की जाएगी और आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, संस्था, प्रतिष्ठान पर भादसं 1860 के धारा 188 तहत कार्रवाई की जाएगी।
0 वापसी शिकायत के बाद गरमाया माहौल बंद को लेकर व्यापारियों के बीच बीते दो दिनों से कहासुनी की घटना सामने आ रही है। मकान-दुकान का फायदा उठाते देख एक दूसरे की शिकायत पर आमदा है। जिसके चलते दो दिनों से विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है। कंटेनमेंट जोन निर्धारण को लेकर वाजिब जानकारी नहीं मिलने पर शनिवार को तहसीलदार प्रीतम साहू को सदल बल कारवाई के लिए आना पड़ा। लेकिन वाद-विवाद के चलते वो लौट गए। जिसके बाद आज सुबह कंटेनमेंट जोन मे दुकानदारों से सामान सजा लिया। शिकायत बाद एसडीएम और एसडीओपी को मोर्चा संभालना पड़ा। इस दौरान गोलबाजार में दुकान खुलने की शिकायत को लेकर दो व्यापारियों के बीच जमकर गाली-गलौच और वाद विवाद हुआ। जिसके चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया था।
0 कुकुरमुड़ा के युवक की मौत मार्च में रिकार्ड सवा तीन सौ पार करने के बाद अप्रैल महीने के शुरुआती तीन दिनों में कोरोना संक्रमण के 203 नए मामले सामने आए हैं। मार्च में नौ तो अप्रैल के चार दिनों मे तीन मौतें हुई। जिसमें एक अप्रैल को सिंगारघाट के भूषण खोब्रागढ़े 65 साल, तीन को बोड़ला निवासी याकूब खान 48 साल और चार अप्रैल को कुकुरमुड़ा निवासी 32 साल के युवक बलदाऊ पाल की मौत भिलाई के निजी अस्पताल में हुई है। बाजार अतरिया कुकुरमुड़ा निवासी बलदाऊ पाल 32 साल की कोरोना संक्रमण के चलते रविार की सुबह मौत हो गई। तीन चार दिन पहले सांस लेने मे तकलीफ होने पर उसे भिलाई के निजी अस्पताल मे भर्ती कराया गया था, जहां सुबह इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। देर शाम कोरोना प्रोटोकाल के तह उसका अंतिम संस्कार हुआ। बलदाऊ की मौत के साथ कोरोना से मौत का आंकड़ा ब्लाक में 32 हो गया है।
0 18 दिनों में 12 मौत कोरोना के नए स्ट्रेन का सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव मार्च महीने के दूसरे पखवाड़े से दिख रहा है। इलाके मे कोरोना संक्रमण के शुरुआती दिन मार्च 20 से अक्टूबर 20 तक किसी भी व्यक्ति की इसके संक्रमण से मौत नही हुई थी। सितंबर 20 से फरवरी 21 तक 20 मौतें हुई। जबकि मार्च- अप्रैल के कुल बीस दिनों में ही 12 लोग इसके शिकार बन गए। वहीं संक्रमितों की संख्या मे भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है जिसके चलते अंततः प्रशासन को अंतिम विकल्प के रूप में लाकडाउन का निर्णय लेना पड़ा। सितंबर 20 में एक, अक्टूबर मे तीन, नवंबर 20 में सात, दिसंबर में चार, जनवरी 21 में तीन और फरवरी में दो मौतों को मिलाकर 20 मौतें हुई। जबकि मार्च के 18 तारीख से अप्रैल चार तक 12 लोगों की जान जा चुकी है।
