खैरागढ़ । कोरोना संक्रमण ने होली बाजार के रंग को एक बार फिर बेरंग कर दिया है। हर साल की तरह इस साल भी व्यापारियों ने होली के रंगों को और चटख करने की तैयारी की थी। लेकिन कोरोना के चलते लगी पाबंदियों की वजह से होली बाजार में कोई विशेष रौनक दिखाई नहीं दे रहा है। खास बात यह भी है कि रंग सहित अन्य सामाग्रियों की मांग कम होने के बावजूद रंग-गुलाल और पिचकारी महंगाई की मार पड़ रही है। यहीं वजह है कि लोग होली बाजार में रूचि नहीं दिखा रहे है। शहर सहित अंचल में होली करीब महीने पहले से जहां चहल-पहल बढ़ी रहती थी, लेकिन कोरोना के आने के बाद पिछले दो साल से रौनक बिल्कुल गायब सी हो गई है। यहीं नहीं बाजार में रंग-गुलाल, पिचकारी, मास्क, टोपी समेत अन्य होली में इस्तेमाल होने वाले सामान भी बेहद कम मात्रा नजर आ रहे हैं। आमतौर पर होली व दीवाली में बाजार को जमकर सजाया जाता है, लेकिन इस बार व्यापारियों की निराशा आसानी से देखी जा रही है।
ज्यादातर पुराना स्टाक ही बेच रहे व्यापारी शहर में होली के लिए सजे बाजार में कुछ नया नहीं है। जहां बच्चों की पिचकारी की बात करें तो वही डोरेमान, स्पाइडर मैन, बार्बी वाली पिचकारी व गन वाली पिचकारी उपलब्ध है। रंग के मामले में भी हर्बल गुलाल व रंग बाजार में हैं। कई दुकानदार तो पिछले होली के स्टॉक की ही इस साल भी बिक्री कर रहे है। क्योंकि पिछले साल भी ज्यादा बिक्री नहीं हो पायी थी।
महंगाई सातवें आसमान पर शहर सहित अंचल की बाजारों खरीददार में भले ही नहीं हों, मांग भी ज्यादा नहीं है। लेकिन महंगाई आसमान छू रहा है। ना केवल भारतीय बल्कि चीनी सामान में भी इस बार महंगाई की मार पड़ रही है। पिछले साल की तुलना में इस साल करीब 20-30 प्रतिशत से ज्यादा महंगाई है। तो वही हर्बल गुलाल में भी 25-30 प्रतिशत कीमत में वृद्धि है।
कोरोना गाइडलाइन का नहीं हो पालन कोरोना के चलते होली बाजार बेरंग नजर आ रहा है। पहले बाजार में लोगों की भीड़ कम दिखाई पड़ रही है। लेकिन जो बाजार पहुंच भी रहे हैं, वे कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे है। यहां लोग लापरवाही बरत रहे है। साथ ही दुकानदार भी कोरोना गाइड लाइन की अवहेलना कर रहे है। इसके बाद प्रशासन की ओर से कोई कड़ा कदम देखने को नहीं मिल पा रहा है। इधर कोरोना की वजह से प्रशासन ने गाडन बंद कर दिए गए हैं। आम लोग इसमें प्रवेश नहीं कर सकेंगे। साथ ही सभा, धरना, रैली, जुलूस और सार्वजनिक प्रदर्शनों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। इसी तरह अब विवाह, अंतिम संस्कार, दशगात्र या इनसे संबंधित किसी भी तरह के कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए प्रशासन को सूचना देकर अनुमति भी लेनी होगी। कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को कोरोना गाइडलाइन के नियमों का पालन करना होगा। नए आदेश का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सीधे एफआईआर कराई जाएगी। होलिका दहन में पांच से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। होली मिलन समारोह या अन्य कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे। किसी अन्य राज्य से हवाई, रेल या सडक़ से आने वाले लोगों को सात दिनों तक होम क्वारंटाइन में रहना अनिवार्य होगा। वहीं बीजेपी का कहना है कि सरकार ने अपना निर्णय लेने में काफी देर कर दी।
रंगोत्सव पर्व में कोरोना बाधा मोहला। कोरोना संक्रमण ने होली पर्व के रंग को फीका कर दिया है। वनांचल में रंगोत्सव पर्व को लेकर ग्रामीणों में उत्सुकता दिखाई नहीं दे रही हैं। दुकानें सजकर तैयार हैं। लेकिन खरीददारी के लिए ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं। जिसके चलतें दुकानदारों में मायूसी छाई हुई है। शुक्रवार को मोहला में सप्ताहिक बाजार में सन्नााटा छाया रहा।होली के पूर्व रंग गुलाल की खरीदी प्रतिवर्ष देखी गई है पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष रंग गुलाल की खरीदी बहुत ही कम की जा रही है युवाओं में होली के प्रति उत्सुकता नहीं है। साथ ही साथ छोटे बच्चों में होली के प्रति उत्सुकता है। बच्चे होली के लिए रंग, गुलाल पिचकारी के साथ-साथ पानी वाले गुब्बारे भी खरीदे रहे हैं। विक्रेताओं की माने तो होली का बाजार मंदा चल रहा है। रंग गुलाल में जो खरीदी उन्होंने बड़े बाजारों से की है उनमें मुनाफा तो दूर की बात उनका असल भी निकलना मुश्किल ही लग रहा है।
दुकानदारों की बढ़ी चिंता कोरोना के चलते बाजार ठंडा पड़ गया है। दुकानदारों ने होली पर्व को लेकर बड़ी मात्रा में स्टाक रखे हैं। लेकिन स्टाक निकलेगा या नहीं इसकी चिंता सता रही है। लेकिन कोरोना आने के बाद बाजार की रौनक पूरी तरह से गायब हो गई ळै। बाजार में रंग-गुलाल, पिचकारी, मास्क, टोपी समेत अन्य होली में इस्तेमाल होने वाले सामान भी बेहद कम मात्रा नजर आ रहे हैं।
दुकानदार के साथ ग्राहक भी बरत रहे लापरवाही औंधी। होली पर्व को लेकर बाजार सजकर तैयार हो गया है। लेकिन दुकानदारों व ग्राहकों में संक्रमण को लेकर कोई डर नहीं है। दुकानदार बिना मास्क के दुकानदारी कर रहे हैं। यहीं नहीं ग्राहक भी बिना मास्क के खरीददारी करने में मशगुल है। ग्राम पंचायत सीतागांव में ग्रामीणों की भीड़ जुट रही है। लोग बिना मास्क के खरीददारी कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण को लेकर लोग लापरवाह नजर आ रहे हैं। रंग-गुलाल, पिचकारी, मास्क, टोपी समेत अन्य होली में इस्तेमाल होने वाले सामान भी बेहद कम मात्रा नजर आ रहे हैं।
