राजनांदगांव । शहर में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने कई पाबंदियां लगाई हैं। धारा 144 लागू हो गया है, लेकिन बाजार में पाबंदियों का असर कहीं नहीं दिख रहा है। बाजार अब भी बेपरवाह है। होली त्योहार के लिए सजे बाजार में लोग बिना मास्क के ही पहुंच रहे हैं। इन्हें कोई रोक-टोक भी नहीं रहा है। भीड़ वाली जगह पर शारीरिक दूरी को लोग भूल ही गए हैं। प्रशासन के पास इसका पालन कराने कोई उपाया भी नहीं है। दुकानों में सैनिटाइजर की व्यवस्था भी कहीं नहीं है। होली की खरीदी और बाजार में सामने लेने पहुंच रहे लोगों में सिर्फ आधे से कम लोग ही मास्क में नजर आ रहे हैं, उसमें भी कई ऐसे लोग हैं जो मास्क से नाक और मुंह को कव्हर करना छोड़ नीचे लटका घूम रहे हैं। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच बाजार की व्यवस्था देखने नईदुनिया शुक्रवार को शहर के मार्केट की पड़ताल की, जिसमें यह स्पष्ट हो गया कि लोग बढ़ते कोरोना संक्रमण के बाद भी जागरूकता नहीं दिखा रहे हैं। इसी तरह की बेपरवाही पिछले साल शहर ही नहीं जिलेवासियों के लिए भारी पड़ी थी। बीते एक साल में कोरोना से 204 लोगों की मौत हो चुकी है। बावजूद लोग सबक लेने को तैयार नहीं है।
होली बाजार में चढ़ रहा रंग कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बाद भी लोग होली के रंग में रंगने को तैयार हैं। इसके लिए शहर में होली का बाजार सज गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी रंग-गुलाल की दुकानें लग रही है। यही नहीं नंगाड़ा भी बिकने लगा है, जबकि प्रशासन ने नंगाड़ा बजाने पर पाबंदी लगा दी है। इसके अलावा भी प्रशासन ने कई तरह की पाबंदी लगाई है, जिसके बाद भी लोग होली के रंग में सराबोर होने कोरोना गाइड लाइन का उल्लंघन कर बाजार पहुंच रहे हैं। बाजार में नगर निगम का आस्क पर मास्क अभियान नजर ही नहीं आ रहा है। दुकानदार ही नहीं काम करने वाले वर्कर भी बिना मास्क लगाए ही घूम रहे हैं।
खुद की सावधानी करेगी बचाव सीएमएचओ डा. मिथलेश चौधरी ने कहा कि संक्रमण जिले में तेजी से फैल रहा है। शहरी क्षेत्र में गांव से अधिक संक्रमित हैं, जिसके बाद भी शहर के लोग जागरूकता नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमण से बचने के लिए खुद की सावधानी जरूरी है। इससे हम खुद के साथ अपने परिवार व समाज को संक्रमण से बचा सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग की टीम हर रोज लोगों को जागरूक करने अभियान चला रही है। इसके बाद भी कोरोना बचाव के लिए जारी गाडइ लाइन का पालन नहीं करना खुद के लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकले। भीड़ वाली जगहों से बचें।
एक साल में 204 की मौत कोरोना ने एक साल में 204 लोगों की जान ले ली है। पिछले साल 25 मार्च को ही जिले में कोरोना का पहला संक्रमित मरीज मिला था। इस एक साल के अंतराल में संक्रमितों की संख्या 21 हजार से पार हो गई। वहीं 204 लोग जान गंवा चुके हैं। अब फिर से जब कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है तो लोग जागरूकता नहीं दिखा रहे हैं। हर कोई अपनी दिनचर्या पहले ही तरह सामान्य बना लिए हैं। बढ़ते संक्रमण के दौरान इस तरह की बेपरवाही ही लोगों को फिर भारी पड़ सकती है।
