भारतीय संस्कृति और गरिमा के अनुरूप होली पर्व की पवित्रता बरकार रखने की अपील.
O कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए एक स्थान पर बड़ी सँख्या में इकट्ठा होने वाले कार्यक्रमों पर रोक लगाने की माँग.
हिन्दू युवा मँच जिला इकाई राजनांदगाँव ने होली पर्व की आड़ में फूहड़ता और अश्लीलता को बढ़ावा देने वाले आयोजनों पर रोक लगाने और वैश्विक महामारी कोविड-19 की रोकथाम के लिए बरती जा रही लापरवाही के संबंध में जिलाधीश टी के वर्मा के नाम पर अपर कलेक्टर श्री सी एल मार्कण्डेय जी को और एसडीएम श्री मुकेश रावटे से भेंट कर उक्त फूहड़ और हुड़दंगता से भरे आयोजन पर रोक लगाने की माँग की है। अपने सौंपे गए ज्ञापन में हिन्दू युवा मँच ने भारतीय संस्कृति और परम्परा के अनुरूप मर्यादापूर्ण ढँग से होली पर्व मनाने और इसकी पवित्रता और गरिमा बनाये रखने की अपील जनसामान्य से की है। उक्ताशय की जानकारी देते हुए हिन्दू युवा मँच जिला इकाई के जिलाध्यक्ष किशोर माहेश्वरी, शहर संयोजक राजा ताम्रकार, आदिशक्ति संयोजिका सुश्री शैलजा शर्मा ने उक्ताशय की जानकारी देते हुए संयुक्त रूप से बताया कि, वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के कारण राज्य सरकार, सामान्य प्रशासन विभाग और प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस कोविड-19 के नियंत्रण हेतु होली पर्व को लेकर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने का दिशा निर्देश जारी किया गया हैं। पड़ोसी जिले दुर्ग, बालोद, बेमेतरा सहित अधिकाँश जिलों के कलेक्टर ने होली पर्व को लेकर कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के निर्देश जारी किए हैं। हालांकि राजनांदगाँव जिला प्रशासन के द्वारा कोरोना प्रोटोकॉल से सम्बंधित कोई भी दिशा निर्देश आज पर्यन्त तक जारी नही किये गए। जिस प्रकार से कोरोना से संक्रमित होने वाले मरीजों की सँख्या में दिन प्रतिदिन तेजी से वृद्धि होती जा रही है। वह कहीं से भी लोगो के स्वास्थ्य के हित में नही है। कल दिनाँक 22 मार्च को जिले में 117 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। आगे भी यह आंकड़ा बढ़ने की पूरी सम्भवना है। इस बीच राजनांदगाँव शहर और शहर से कुछ दूरी पर स्थित बाहरी इलाकों होटल, रेस्तरां इत्यादि में होली पर्व को लेकर कुछ बड़े आयोजन होने की खबर शोशल मीडिया के माध्यम से मिली है। उक्त सभी आयोजनों में बड़ी भीड़ जमा होने की पूरी संभावना है। ज्यादा से ज्यादा टिकट बेचने और ज्यादा से ज्यादा एंट्री आने पर आयोजक मंडल का जोर होगा, किन्तु आयोजक मंडल को इस बात की बिल्कुल भी चिंता नही है कि, इतनी बड़ी सँख्या में जब लोग एक जगह जमा होंगे तो कोरोना विस्फोट इतना भयँकर और विनाशकारी होगा। उक्त आयोजनों में कोरोना से संक्रमित एक मरीज भी पूरी भीड़ को संक्रमित करने के लिए काफी है। एतिहायत के तौर पर शहर और जिले सहित होली पर्व से जुड़े हुए ऐसे सभी कार्यक्रम जिनमे दहाई सँख्या के आंकड़े से अधिक की भीड़ जमा हो रही हो उन सभी को बैन किया जाना चाहिए। यही नही जानकारी यह भी मिली है कि, महाराष्ट्र जैसे अतिसंवेदनशील और संक्रमित राज्य के बड़े शहर क्रमशः पुणे और मुम्बई शहर से डीजे सिस्टम बुलाया जा रहा है। वहीं एक आयोजन में शोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम के इंफ्लूएंशर एक ऐसे व्यक्ति को स्टेज संभालने बतौर एंकर के तौर पर बुलाया जा रहा है, जो विश्वस्त सूत्रों के अनुसार सनातन धर्म का मज़ाक उड़ाता है, और अभद्र टिप्पणियों से सनातन धर्म का लगातार अपमान करता आया है। ऐसे व्यक्ति का और ऐसे आयोजन का हिन्दू युवा मँच विरोध करता है। एक जिम्मेदार नागरिक और एक जिम्मेदार संगठन होने के नाते हम उक्त कार्यक्रम का बहिष्कार करते हैं। यही नही ऐसे सभी कार्यक्रमों का बहिष्कार करते हैं जिनमे हिन्दू संस्कृति और भारतीय परम्परा की वाहक मर्यादित होली पर्व का हुड़दंगता और फूहड़ता से अपमानित किया जाए। हिन्दू युवा मँच होली जैसे पावन पर्व में इस प्रकार की फूहड़ता न तो बर्दाश्त करेगा और न ही होली जैसे पावन पर्व को अपमानित होने देगा। हमारे इस विरोध के बाद भी प्रशासन यदि कार्यक्रम के संचालन की अनुमति देता है तो इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। आयोजक मंडल ने यदि उक्त कार्यक्रम की अनुमति नही ली है तब की स्थिति में भी आयोजन पर रोक लगाई जाए और यदि कोई यत्न करके और पहलूओं को छुपाकर किसी प्रकार से अनुमति ले भी ली है तब भी प्रशासन तत्काल प्रभाव से अनुमति को निरस्त करें और आयोजक मंडल को इसकी सूचना दे दें। आश्चर्य इस बात का है कि, जब प्रशासन गरिमापूर्ण आयोजनों की अनुमति के लिए अपनी नाक भौ सिकोड़ता है, और आम आदमी को कई चक्कर लगाने पर मजबूर कर देता है, तो फिर प्रशासन ऐसे हुड़दंग और फूहड़ता फैलाने वाले कार्यक्रम के लिए अनुमति कैसे दे सकता हैं ? या फिर आयोजक समिति ने अनुमति लेने शासन को गुमराह किया होगा और तथ्यों को छुपाया होगा। अथवा हम यह माने कि, प्रशासन को नागरिकों की सुरक्षा की बिल्कुल भी परवाह नही है, और वह नागरिकों की सुरक्षा का केवल दिखावा करता है। गौरतलब हो कि, हिन्दू युवा मँच ने होली के पुनीत अवसर पर भारतीय संस्कृति के अनुरूप होली के आदर्श स्वरूप को परिभाषित और प्रदर्शित करने वाले अपने स्वयँ के गरिमापूर्ण आयोजन को मात्र इसलिए स्थगित कर दिया है। ताकि कम से कम लोग एक दूसरे के सम्पर्क में आयें और कोरोना के संक्रमण से लोगो को बचाया जा सके। जबकि हमारे उक्त आयोजन के लिए प्रशासन से विधिवत अनुमति भी मिल चुकी थी। होली की आड़ में फैलाई जा रही, अश्लीलता और फूहड़ता को प्रदर्शित करने वाले, उनको बढ़ावा देने वाले और भारतीय संस्कृति का माखौल उड़ाकर अपमानित करने वाले उक्त सभी कार्यक्रमों को तत्काल प्रभाव से और कठोरता से रोक लगाने का निर्देश जारी करने की मांग आज हिन्दू युवा मँच के प्रतिनिधि मंडल ने की है। उक्त प्रतिबंध से हम सैकड़ों लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाकर उनके जीवन की एवं भारतीय संस्कृति और परम्परा की रक्षा कर पाने में सफल होंगे, जो कि शासन का हमेशा से ही प्रयास रहा है। ज्ञापन सौंपने हिन्दू युवा मँच के जिलाध्यक्ष किशोर माहेश्वरी, शहर संयोजक राजा ताम्रकार, जिला संयोजिका शैलजा शर्मा, श्रीमती पूनम शर्मा, शहर सह संयोजक आर्यन सोनवानी, दिव्यांग मिश्रा, मिहिर श्रीवास, अभिषेक शर्मा शहर उपाध्यक्ष, पीयूष गुप्ता, शैलेष साहू, रवि साहू, शांभवी आईच, संपर्क प्रमुख सुश्री मनदीप कौर, सुश्री कोमल कौर सोनी, सुश्री दीपिका जांगडे, डोंगरगांव मंडल प्रमुख भूपेन्द्र सिन्हा, गौरव निषाद, रॉकी खोबरागड़े, अभिनव सिंह, विशाल यादव, भावेश देवांगन, शुभम वैष्णव सहित बड़ी सँख्या में हिन्दू युवा मँच और आदिशक्ति के सदस्य एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।
