रानी सागर तालाब पर रेलिंग्स लगाने और बाहरी राज्य के फल व्यवसायियों पर प्रतिबंध लगाने की माँग पर कार्यवाही न होने से क्षुब्ध होकर अनुस्मारक पत्र सौंपेगा.
हिन्दू युवा मँच जिला इकाई द्वारा राहगीरों को दुर्घटना से बचाने रानी सागर तालाब के पूर्वी छोर पर रेलिंग्स या दीवार खड़ी करने की माँग छत्तीसगढ़ के बाहर से शहर में अनाधिकृत रूप से आये फल व्यापारियों पर प्रतिबंध लगाने की माँग को लेकर दिनाँक 18 मार्च को ज्ञापन सौंपा गया था जिस पर आज पर्यन्त तक कार्यवाही न होने से क्षुब्ध हिन्दू युवा मँच आज महापौर हेमा देशमुख और एस पी डी श्रवण को स्मरण कराने और पुनः ध्यानाकर्षण कराने अनुस्मारक पत्र सौंपेगा।
उक्ताशय की जानकारी देते हुए हिन्दू युवा मँच के जिलाध्यक्ष किशोर माहेश्वरी और पदाधिकारियों ने बताया कि, गत दिनाँक 18 मार्च को हिन्दू युवा मँच के द्वारा राहगीरों को दुर्घटना से बचाने सुरक्षा के दृष्टिकोण से रानी सागर तालाब के पूर्वी छोर के किनारे रेलिंग्स लगाने या दीवार खड़ी करने की माँग की थी। वहीं अपने दूसरे ज्ञापन में छत्तीसगढ़ राज्य के बाहर के फल व्यवसायियों के अनाधिकृत प्रवेश पर रोक लगाने, उन पर प्रतिबंधनात्कम कार्यवाही करने और स्थानीय फल व्यापारियों पर पड़ रहे इसके दुष्प्रभाव पर ध्यान आकृष्ट कराने की माँग को लेकर महापौर हेमा देशमुख और एस.पी. डी श्रवण को ज्ञापन सौंपा गया था। बावजूद आज पर्यन्त तक कार्यवाही शुरू नही हो पाई है। तत्सम्बन्ध उक्त गंभीर और महत्वपूर्ण विषय पर ध्यानाकर्षण और स्मरण कराने अनुस्मारक पत्र सौपेगा। साथ ही बाहरी फल व्यापारियों के कारण जनसमान्य और स्थानीय फल व्यापारियों को हो रही समस्याओं से भी अवगत करवाया जाएगा।
इन बाहरी फल व्यापारियों के कारण यातायात अनावश्यक रूप से प्रभावित हो रहा हैं। सड़क के बीच मे कहीं भी खड़े होकर फलों की बिक्री करने लगते हैं, जिससे यातायात बाधित हो रही है। यातायात व्यवस्था को बिगाड़ने में इनकी अहम भूमिका हैं। शहर के अँदर ये एक ओर जहाँ यातायात को प्रभावित करते हैं तो वहीं दूसरी ओर नागपुर छोर पर जी ई रोड़ के किनारे खड़े होकर ये सड़क दुर्घटना का भी कारण बन रहे हैं। कई बार इन्हें पुलिस प्रशासन द्वारा खदेड़ा भी गया किन्तु इनके कब्जा कर लेने वाले और ढ़ीठ स्वभाव के कारण ये आज भी वहीं जमे हुए हैं। इन्हें भगाते यातायात पुलिस भी थक चुकी है। इनका अड़ियल और झगड़ालू स्वभाव जनसामान्य पर अब भारी पड़ने लगा हैं। इनकी बदसलूकी और दादागिरी की खबरे आये दिन देखने और सुनने को मिलती रहती हैं। स्थानीय नागरिकों और ग्राहकों से सीधे मुँह बात भी नही करते, और दबंगई दिखाते हैं। शहर का ये वातावरण खराब कर रहे हैं, आने वाले समय मे किसी अपराधिक घटना अथवा अनहोनी की ओर संकेत ही नही कर रहे बल्कि इसकी संभावना भी बढ़ा रहे हैं। इनके आपराधिक प्रवृत्ति वाले रवैय्ये को देखते हुए मामले को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।
हिन्दू युवा मँच संविधान का और उनके मूल अधिकारों का सम्मान करता हैं, किन्तु एक जिम्मेदार नागरिक और एक जिम्मेदार संगठन होने के नाते हमारी यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि, हम जिलेवासीयों की सुरक्षा का ख्याल रखें। इसके मद्देनजर उक्त बाहरी फल व्यापारियों को फल विक्रय करने की अनुमति उसी स्थिति में प्रदान की जाए, जब उक्त सभी व्यापारी पुलिस जाँच प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और आधार कार्ड लेकर अपनी पहचान सुनिश्चित करवाएं तीनों ही मापदंडों को पूरा करने के उपरांत ही उन्हें फल विक्रय करने की अनुमति हो, अन्यथा उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाए। इसके साथ ही नगर पालिका निगम द्वारा इन्हें एक प्रमाण पत्र या परिचय पत्र भी जारी किया जाए, इससे इनकी पहचान हो पाए। यही नही उपरोक्त प्रक्रिया के बाद भी यदि कोई बाहरी राज्य का फल व्यवसायी शहर अथवा जिले में प्रवेश करता है तो सर्वप्रथम पुलिस अधीक्षक कार्यालय और नगर पालिका निगम कार्यालय में अपने आने की सूचना दे और प्रमाण पत्र लेंने के बाद ही शहर में कोई व्यापार करे। यह प्रक्रिया ऐसे प्रत्येक व्यक्ति पर लागू हो जो प्रदेश के न हो और बाहरी राज्य से संबंध रखते हों, यही नही किसी भी खाद्य पदार्थों अथवा किसी भी प्रकार का व्यवसाय करने के लिए शहर और जिले में आये हो।
बाहरी राज्य के कई अपराधी छुपने के लिए भी छत्तीसगढ़ की पनाह लेने लगे हैं, हो सकता है इनमें से भी कोई अपराधी हो और किसी आपराधिक घटना को अंजाम देकर आया हो। यह अपराधी है या केवल एक फल व्यापारी इसकी पुष्टि तो पुलिस सत्यापन से ही सम्भव हो पाएगी। हमारे शहर, जिले और पूरे प्रदेश में बीते कुछ वर्षों में अपराधिक घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है। जिले सहित पूरे प्रदेश में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते कुछ वर्षों में ऐसी कई आपराधिक घटनाएं देखने को मिली है, जिसमें अपराधियों के बाहरी राज्य का होने की पुष्टि हुई है। छत्तीसगढ़ राज्य शनैः शनैः अपराधियों के लिए पनाहगाह, छुपने की सर्वोत्तम जगह और अपराध का गढ़ बनता जा रहा है। इस पर लगाम तभी लग पाएगी जब अपराधियों और एक आम व्यापारी की पहचान की पुष्टि हो पाएगी।
बाहरी राज्य के उक्त फल व्यवसायियों के कारण स्थानीय व्यापरियों के पीढियों से चले आ रहे व्यापार पर सेंध सी लग गई है। अब तो इनके भूखों मरने की नौबत आन पड़ी है। कोई ऐसा विकल्प निकाला जाए जिससे स्थानीय व्यापारियों का व्यापार भी प्रभावित न हो और बाहर राज्य के फल व्यवसायी भी अपना व्यवसाय सहजतापूर्वक कर सके। इसके लिए यह उपाय किया जा महापौर और एस पी जैसे एक जिम्मेदार पद पर बैठने और शहर के एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते उनकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि, वो इस पूरे मामले की गंभीरता से सुध लें। उक्त विषय पर दोबारा ध्यानाकर्षण कराने के बाद भी यदि अपेक्षित कार्यवाही नहीं होती तो हिन्दू युवा मँच ने इसके लिए आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
