लीज सीमा को छोड़कर उसके दूसरे हिस्से में हजारों खेप रेत निकाली जा चुकी है
राजनांदगांव- पनेका-बांकल में शिवनाथ नदी से अवैध तरीके से रेत निकाले जाने की पुष्टि हो गई। बुधवार को ग्राम पंचायत के पदाधिकारियों को लेकर रेत घाट पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने सीमांकन किया तो पता चला कि लीज सीमा को छोड़कर उसके दूसरे हिस्से में हजारों खेप रेत निकाली जा चुकी है। इस दौरान लीजधारक भी मौजूद था। उन्होंने सीमांकन को मानने से इन्कार कर दिया। प्रशासन ने अब अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर दोबारा सीमांकन का फैसला किया है। इसमें नायब तहसीलदार के अलावा कम से कम दो राजस्व निरीक्षकों, दो-तीन पटवारी भी रखे जा सकते हैं। पक्षपात न हो, इसके लिये खनिज विभाग की तरफ से किसी को नहीं रखा जाएगा।
कलेक्टर टीके वर्मा ने खनिज विभाग की टीम भेजकर रेत घाट को बंद करा दिया था। सीमांकन के बाद ही इसे दोबारा शुरू करने कहा गया है। बुधवार दोपहर में राजस्व निरीक्षक हरिश कश्यप व पटवारी केशव यादव सीमांकन करने के लिए पहुंचे। उनके साथ पूरी ग्राम पंचायत की टीम भी थी। सबकी मौजूदगी में नदी के उस हिस्से की नापजोख की गई, जहां के लिए लीज दी गई है व जहां से रेत निकाली जा रही थी।
लीज क्षेत्र से बाहर दोगुना उत्खननः राजस्व विभाग के पास उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार शिवनाथ नदी के बांकल पनेका रेत घाट के लिए खसरा नंबर 406 की 12 एकड़ भूमि को लीज पर दी गई है। लीजधारक को इसी हिस्से से रेत निकालनी है, लेकिन सीमांकन के दौरान इस हिस्से से दोगुना अतिरिक्त भाग से रेत निकाली जाने की पुष्टि हुई। यानी लीज क्षेत्र से अभी रेत निकासी शुरू ही नहीं की गई है। उसके आसपास के कई एकड़ से रेत का वारा-न्यारा कर दिया गया है।सवालों में माइनिंग की भूमिकाः सीमांकन में अवैध उत्खनन की पुष्टि के साथ ही खनिज विभाग की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है। एक तो विभाग ने घाट में जाकर झांका ही नहीं कि उत्खनन सही जगह पर किया जा रहा है या नहीं? जब रायल्टी पर्ची जारी ही नहीं की गई है तो फिर रेत का उत्खनन कैसे किया जा रहा है? इन सबके बाद भी न तो कार्रवाई की, न ही कलेक्टर को रिपोर्ट दी। चुपके से उत्खनन जारी रहने दिया गया।पंचायत की शिकायत सही निकलीः रेत घाट को लेकर ग्राम पंचायत की आपत्ति है कि जिस हिस्से की लीज दी गई है, उससे दोगुनी अतिरिक्त जगह से रेत निकाली जा रही है। सीमांकन में इसकी पुष्टि हो गई। पंचायत ने पहले ही कलेक्टर को ज्ञापन देकर शिकायत कर चुकी है कि राशि जमा कर खनिज विभाग से रायल्टी पर्ची जारी नहीं कराई गई है। गांव वालों की फर्जी समिति बनाकर अवैध रूप से रेत उत्खनन कराया जा रहा है।
