Asia Cup 2025: टीम इंडिया घोषित, श्रेयस अय्यर और यशस्वी जायसवाल जैसे कुछ बड़े नाम बाहर – पर क्यों? जानिए पूरी कहानी टीम इंडिया की एशिया कप 2025 के लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान हो गया है। जैसे ही टीम लिस्ट सामने आई, फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट्स के बीच हलचल मच गई। श्रेयस अय्यर, यशस्वी जायसवाल, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और वॉशिंगटन सुंदर जैसे बड़े नाम इस बार टीम में नहीं हैं। सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं, एक्सपर्ट्स अपनी राय दे रहे हैं। लेकिन जब हम चयनकर्ताओं के नजरिए से चीजों को देखें, तो कई फैसले समझ आते हैं। आइए जानते हैं कि आखिर इन टैलेंटेड खिलाड़ियों को टीम से बाहर क्यों रखा गया है — और क्या ये फैसला वाकई गलत है?
श्रेयस अय्यर क्यों नहीं चुने गए?
श्रेयस अय्यर एक शानदार बल्लेबाज हैं, इसमें कोई शक नहीं। लेकिन टी20 फॉर्मेट में उनका आखिरी दमदार प्रदर्शन काफी वक्त पहले आया था। 2023 के बाद से उन्हें लगातार मौका नहीं मिला, और इसी बीच तिलक वर्मा ने ऐसी चमक दिखाई कि सेलेक्टर्स के लिए उन्हें नज़रअंदाज़ करना नामुमकिन हो गया। तिलक ने न सिर्फ लगातार परफॉर्म किया, बल्कि दो शतक भी ठोके — आज वो टी20 रैंकिंग में दुनिया के नंबर 2 बल्लेबाज़ हैं। अब जब आपके पास इतना फॉर्म में खिलाड़ी है, तो उसे बाहर बैठाना सही नहीं लगता।
अय्यर आमतौर पर नंबर 3 या 4 पर खेलते हैं — इन स्लॉट्स पर फिलहाल सूर्यकुमार यादव और कप्तान खेल रहे हैं, जिन्हें हटाना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है। फैंस रिंकू सिंह की तुलना अय्यर से कर रहे हैं, लेकिन रिंकू का रोल अलग है — वो एक फिनिशर हैं, जबकि अय्यर टॉप ऑर्डर में टिक कर खेलने वाले बल्लेबाज। टी20 में रोल की बहुत अहमियत होती है। साथ ही, अय्यर गेंदबाजी नहीं करते — जबकि टीम आजकल मल्टी-डायमेंशनल खिलाड़ियों को ज्यादा तरजीह देती है। यही वजह है कि रियान पराग जैसे खिलाड़ी रिजर्व में रखे गए हैं, जो न सिर्फ बैटिंग कर सकते हैं, बल्कि ऑफ स्पिन भी डाल सकते हैं।
यशस्वी जायसवाल – टैलेंट के बावजूद बाहर क्यों?
यशस्वी जायसवाल ने पिछले एक साल में बेहतरीन क्रिकेट खेला है। आईपीएल 2025 में उन्होंने धुआंधार प्रदर्शन किया, लेकिन उनका सामना एक ऐसे खिलाड़ी से था जिसकी गिनती अब भारत के भविष्य के कप्तानों में हो रही है — शुभमन गिल। गिल ने आईपीएल में 600+ रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट भी 160 के करीब था। ऊपर से वो टीम के उपकप्तान भी हैं, यानी उन पर टीम मैनेजमेंट को पूरा भरोसा है। दूसरी तरफ, ओपनिंग के लिए टीम ने अभिषेक शर्मा को चुना — जो सिर्फ आक्रामक बल्लेबाज ही नहीं, बाएं हाथ के स्पिनर भी हैं। यही मल्टी-स्किल्स यशस्वी के खिलाफ चली गईं। एक टी20 टीम में जहां हर ओवर मायने रखता है, वहां गेंदबाज़ी करने वाला बल्लेबाज बड़ा एसेट बन जाता है।
सिराज, कृष्णा और सुंदर – तेज़ गेंदबाज़ों की भीड़ में किसे हटाएं?
मोहम्मद सिराज एक बेहतरीन तेज़ गेंदबाज़ हैं, लेकिन T20 टीम में मुकाबला जबरदस्त है।
- बुमराह की वापसी हो चुकी है।
- अर्शदीप सिंह T20 में भारत के सबसे भरोसेमंद डेथ बॉलर बन चुके हैं।
- और हर्षित राणा जैसे युवा गेंदबाज गेंदबाज़ी के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी योगदान दे सकते हैं।
ऊपर से, हार्दिक पंड्या एक ऑलराउंडर हैं, जो तीसरे तेज गेंदबाज़ के तौर पर हमेशा मौजूद रहते हैं। ऐसे में, सिराज के लिए जगह बनाना वाकई मुश्किल था। प्रसिद्ध कृष्णा ने जरूर आईपीएल में सबसे ज्यादा विकेट लिए, लेकिन टी20 फॉर्मेट में सिर्फ आंकड़े ही काफी नहीं होते — यहां चयन की बड़ी वजह टीम बैलेंस और रोल फिटमेंट होती है। वॉशिंगटन सुंदर को लेकर जरूर कुछ एक्सपर्ट्स की सहानुभूति है, लेकिन उनकी जगह अक्षर पटेल और अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ी पहले से टीम में मौजूद हैं — जो स्पिन के साथ बैटिंग भी करते हैं।
तो क्या ये फैसले सही हैं?
देखिए, टीम चुनना कोई आसान काम नहीं होता। सिर्फ 15 खिलाड़ियों की जगह होती है, और भारत जैसे देश में टैलेंट की कोई कमी नहीं। कई बार बहुत अच्छे खिलाड़ी भी सिर्फ इसलिए टीम से बाहर रह जाते हैं क्योंकि मौजूदा स्क्वाड में उनकी भूमिका के लिए कोई और खिलाड़ी बेहतर फिट बैठता है। इसका मतलब ये नहीं कि अय्यर, यशस्वी या सिराज का करियर खत्म हो गया है — बस फिलहाल टीम की जरूरतों के मुताबिक उन्हें जगह नहीं मिल पाई।
आपका क्या कहना है?
क्या आपको लगता है कि कोई और खिलाड़ी टीम में होना चाहिए था? या फिर सेलेक्टर्स का फैसला सही है? अपनी राय जरूर शेयर करें।
