राजनांदगांव । महाराष्ट्र बार्डर पर बागनदी में प्रशासन ने अन्य राज्यों से आने वाले यात्रियों की जांच शुरू की है। इसके लिए बागनदी के उप स्वास्थ्य केंद्र को सैंपलिंग केंद्र बनाया गया है। स्वास्थ केंद्र बस्ती के बीच है। इसके कारण बस्ती के लोगों में कोरोना की दहशत बढ़ने लगी है। यहां हर रोज चार से छह यात्री कोरोना पाजिटिव मिल रहे हैं। इसके चलते भी स्वास्थ्य केंद्र के आसपास रहने वाले ग्रामीण डर गए हैं। बस्ती में इसका विरोध भी शुरू हो गया है। लोगों की मांग है कि प्रशासन हाईवे पर किसी और जगह कोरोना जांच के लिए सैंपलिंग केंद्र बना ले। बस्ती के बीच कोरोना जांच होने से बच्चों के साथ बुजुर्ग भी संक्रमण को लेकर डरने लगे हैं।
कोरोना काल में स्वच्छता दीदियों ने दिखाया हौसला : कोरोना महामारी और लाकडाउन के दौरान यातायात थम गया था। सड़कें सूनी थीं। लाकडाउन के चलते लोग घरों में ही थे। चौक-चौराहों पर पुलिस का सख्त पहरा था। ऐसे संकटकाल में भी शहर की स्वच्छता दीदियों ने सफाई व्यवस्था को लेकर हौसला दिखाया है। यही नहीं, कोरोना संक्रमित मरीज जिनके पास उनके स्वजन भी जाने से हिचकिचा रहे थे, तब स्वच्छता दीदियों ने संक्रमित मरीजों के होम आइसोलेशन का कचरा भी संगृहीत कर डिस्पोज किया।
कोरोना काल में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित सफाई ही नहीं, स्वच्छता दीदियों ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण भी किया। इस दौरान स्वच्छता दीदी व मित्रों को कई तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। कई बार चौराहों पर पुलिस का डंडा व फटकार भी स्वच्छता मित्रों को सहनी पड़ी। वर्तमान में जब संक्रमण फिर से बढ़ रहा है, तब भी स्वच्छता दीदियों का काम निरंतर जारी है।
