डोंगरगढ़। परिवहन विभाग की चेक पोस्ट झोपड़ी में संचालित हो रही है। अस्थाई चेक पोस्ट में अव्यवस्था का आलम है, जिसका फायदा भारी वाहन चालक उठा रहे हैं। यहीं नहीं शासन को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। अस्थाई रूप से परिवहन जांच चौकी खरकाटोला में स्थापना तो कर दी गई है, लेकिन इसकी जांच की जिम्मेदारी बड़े मानपुर चौकी के प्रभारी को दी गई है। खरकाटोला से बड़ा मानपुर चेक पोस्ट की दूरी लगभग 150 किमी है। जबकि पाटेकोहरा परिवहन जांच चौकी की दूरी 15 किमी की है। इसके बाद भी सघन जांच की जिम्मेदारी बड़े मानपुर-मोहला को दिए जाने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। इस संबंध में वैभव शुक्ला, चेकपोस्ट प्रभारी ने बताया कि अस्थाई चेक पोस्ट को लेकर विभागीय अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है, लेकिन अब तक कोई मार्गदर्शन नहीं मिला है। विभागीय आदेश तक अस्थाई चेक पोस्ट संचालित ही होगा।
पांच बजते ही निकल जाते हैं कर्मचारी अस्थाई रूप से खोले गए परिवहन जांच चौकी में सुबह नौ से शाम पांच बजे तक जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी बोरिया-बिस्तर समेट कर निकल जाते हैं, जिसके बाद जांच चौकी भगवान भरोसे होने के कारण शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है। दूसरी ओर जिस स्थान पर अस्थाई जांच चौकी का संचालन किया जाता है उसके आसपास कोई सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम नहीं है। ऐसी स्थिति में कोई बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती है।
जांच को लेकर नहीं दिखा रहे गंभीरता फरवरी माह में चेक पोस्ट में 78 वाहनों का चालान समझौता शुल्क के रूप में 81700 व 14 टीपी कुल राशि 14000 तथा अतिरिक्त टैक्स 11695 रुपये प्राप्त किया गया है, लेकिन फरवरी माह में जितनी राशि की वसूली गई है वह नियमानुसार अगर कार्य किया जाता तो उपरोक्त राशि एक दिन में ही वसूली की जा सकती थी। इसके बाद भी प्रशासन द्वारा इस अस्थाई परिवहन जांच चौकी के लिए टाल मटौल का रवैया अपनाया जा रहा है। गौरतलब है कि अस्थाई रूप से संचालित झोपड़ीनुमा जांच चौकी में कई बार आगजनी की घटना भी हो चुकी है। इसके बाद भी अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
