राजनांदगांव। बसंतपुर स्थित मेडिकल अस्पताल में ड्यूटी के दौरान जूनियर डाक्टर विप्लव चंद्राकर से गाली-गलौज कर मारपीट करने वाले आरोपित को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। एक दिन पहले पुलिस आरोपित के गोलबाजार निवास भी गई थी, लेकिन आरोपित घर से फरार था। इसके कारण पुलिस को आरोपित के घर से खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।
ज्ञात हो कि बीते 11 मार्च को मेडिकल अस्पताल में 75 वर्षीय केवलदास यादव की मौत के बाद उसके स्वजनों ने हंगामा कर दिया था। अस्पताल में तोड़फोड़ भी की, वहीं ड्यूटी पर रहे डाक्टर विप्लव चंद्राकर के साथ मारपीट भी की। इस मामले में बसंतपुर पुलिस ने आरोपित कमल यादव के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है। थाना प्रभारी लोमेश सोनवानी ने कहा कि आरोपित के स्वजनों को समझाइश दे दी गई है कि वो अपने बेटे को थाने में पेश करे। अगर इसके बाद भी आरोपित ने थाने में आकर सरेंडर नहीं किया तो फरारी के मामले में एक और धारा दर्ज करेंगे।
जानिये क्या हुआ था अस्पताल में शहर के गोलबाजार निवासी 75 वर्षीय केवल दास यादव को उसके स्वजनों ने बीते 11 मार्च की शाम को मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया था। उसे किडनी और हार्ट की दिक्कत थी। देर शाम को जूनियर डाक्टर विप्लव मरीज की हालत को देख उसे वेंटिलेटर में शिफ्ट करने की बात कही। जैसे ही उसे वेंटिलेटर में शिफ्ट करने वाले थे, उसी समय मरीज की मौत हो गई। इसके बाद मृतक के स्वजनों ने डाक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में बवाल शुरू कर दिया। आक्रोशित स्वजनों ने अस्पताल के केजुअल्टी वार्ड के दरवाजे में तोड़फोड़ भी कर दी। वहीं डाक्टर विप्लव के साथ गाली-गलौज करते हुए स्वजनों ने मारपीट भी की। इस पूरे घटना की बसंतपुर थाना में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बयान पहले ही दर्ज कर चुके इस मामले में पुलिस जूनियर डाक्टर समेत स्टाफ नर्स व सुरक्षा गार्ड के कर्मचारियों का बयान दर्ज कर चुके हैं। मामले में गिरफ्तारी शोकाकुल माहौल के चलते पुलिस ने नहीं की थी। तीन दिन बाद जब पुलिस गिरफ्तारी करने घर पहुंची तो आरोपित घर में नहीं था। घंटों बाद भी आरोपित घर नहीं लौटा, जिसके कारण पुलिस को खाली हाथ ही आरोपित के घर से वापस आना पड़ा। टीआइ लोमेश सोनवानी ने कहा कि आरोपित के स्वजनों को समझा दिया गया है, ताकि वो आरोपित को थाना ले आए। जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
