राजनांदगांव। जिले में कोरोना का संक्रमण बढ़ते ही स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग का टारगेट बढ़ा दिया है। वर्तमान में जिले में 54 केंद्रों में कोरोना की जांच हो रही है। इन सभी केंद्रों में 50 से सौ सैंपल का लक्ष्य है, जिसे बढ़ाकर स्वास्थ्य विभाग ने सौ से अधिक टेस्ट करने का लक्ष्य दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि जिले में पिछले पखवाड़ेभर से कोरोना का संक्रमण बढ़ते क्रम में है। हर रोज 15 से 25 नए संक्रमित सामने आ रहे हैं। इसके कारण ही लोगों को सतर्क करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना जांच का लक्ष्य दोगुना कर दिया है। इसी महीने पिछले 15 दिनों में ही जिले में 295 नए संक्रमित सामने आ चुके हैं। इस आंकड़े ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है। शहर में भी कोरोना के बढ़ते मामले ने दहशत बढ़ा दी है।
हर सेंटरों में सौ से अधिक जांच जिले में 54 सेंटरों में कोरोना की जांच की जा रही है। बताया गया कि वर्तमान में इन सभी सेंटरों में 50 से सौ लोगों का कोरोना टेस्ट करने का लक्ष्य था, जिसे बढ़ाकर सौ से डेढ़ सौ और उससे अधिक करने का लक्ष्य दिया है। जिला टीकाकरण अधिकारी डा. बीएल कुमरे ने कहा कि जिले में रोजाना 15 सौ से 22 लोगों की जांच की जा रही है।
को-वैक्सीन का डोज भी आज से
दूसरे राज्य से को-वैक्सीन लगवाकर आए लोगों को मंगलवार से बसंतपुर स्थित मेडिकल अस्पताल में को-वैक्सीन लगाया जाएगा। इसको लेकर मेडिकल अस्पताल में तैयारी पूरी कर ली गई है। बताया गया कि जिले में 250 लोगों ने को-वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया है। को-वैक्सीन लेने कोविड अस्पताल से गाड़ी भी भेजी गई है। देर शाम तक रायपुर से को- वैक्सीन शहर पहुंचेगी। इसके बाद मंगलवार से को-वैक्सीन लगाने की शुरुआत होगी। जिला टीकाकरण अधिकारी डा. बीएल कुमरे ने बताया कि को-वैक्सीन उन्हीं लोगों को लगेगा, जो दूसरे राज्यों से को-वैक्सीन लगवाकर आए हैं। जिले में महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, कर्नाटक व अन्य कुछ राज्यों से लोग को-वैक्सीन लगवाकर आए हैं, उनमें से 250 लोगों ने पंजीयन भी करा लिया है। इसमें ज्यादातर बटालियन और आइटीबीपी के जवान हैं।
दो डोज लगने के बाद हेल्थ वर्कर कोरोना पाजिटिव
कोरोना से बचाव के लिए लगाए जा रहे वैक्सीन के बाद भी रिपोर्ट पाजिटिव आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। यह मामला खैरागढ़ सिविल अस्पताल का है, जहां टीबी विभाग में पदस्थ स्वास्थ्य कर्मी की कोरोना जांच रिपोर्ट पाजिटिव आई है। बड़ी बात यह है कि स्वास्थ्य कर्मी को कोरोना का पहला और दूसरा दोनों ही डोज लग चुका था। बताया गया कि कोरोना वारियर्स के रूप में काम कर चुके स्वास्थ्य कर्मी को पहला डोज 27 जनवरी को लगा था। इसके बाद 24 फरवरी को उसे दूसरा डोज लगा। दूसरे डोज के आठ दिन बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ गई। बीते 10 मार्च को जब स्वास्थ्य कर्मी ने अपनी जांच कराई तो उसकी रिपोर्ट पाजिटिव निकली। इस खबर ने खैरागढ़ सिविल अस्पताल ही नहीं बल्कि जिला मुख्यालय के स्वास्थ्य कर्मचारियों में दहशत बढ़ा दी है। हालांकि सीएमएचओ डा. मिथलेश चौधरी इसे नार्मल बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैक्सीन प्रतिरोधात्मक क्षमता बढ़ाती है। स्वास्थ्य कर्मी की हालत बेहतर है। उसे होम आइसोलेशन में रहने को कहा गया है।
