राजनांदगांव । शिवनाथ नदी का जलस्तर गर्मी से पहले ही कम हो गया है। नदी सूखने लगी है, जिससे निस्तारी और पेयजल की समस्या गंभीर होने लगी है। अभी से लोग निस्तारी की समस्या से जूझ रहे हैं। गंभीर बात यह है कि शिवनाथ नदी के ईरा एनीकट से ही समूह नल-जल योजना के तहत राजनांदगांव ब्लॉक के 28 गांवों में पेयजल सप्लाई हो रही है।
जलस्तर कम होने से इन सभी 28 गांवों की नल-जल योजना संकट में आ गई है। अगर समूह नल-जल योजना के लिए शिवनाथ में पानी नहीं छोड़ा गया तो आने वाले दिनों में समस्या गंभीर हो जाएगी। इसको लेकर खुटेरी और इरा गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार
को जिला कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर टीके वर्मा और पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण को ज्ञापन दिया है, जिसमें ग्रामीणों ने चेतावनी भी दी है कि अगर दो दिन में पेयजल के लिए पानी नहीं छोड़ा गया तो ग्रामीण हाईवे जाम कर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
पेयजल ही नहीं, निस्तारी का भी संकट
ग्रामीणों ने प्रशासन से पानी छोड़ने की मांग कर बताया कि शिवनाथ नदी में पेयजल के साथ निस्तारी के लिए भी पानी नहीं है। एक सप्ताह से ग्रामीण निस्तारी की समस्या को लेकर परेशान हैं। ग्रामीणों ने कहा कि गर्मी और बढ़ जाएगी, तो नदी पूरी तरह सूख जाएगा। ऐसे में पेयजल की किल्लत बढ़ जाएगी। कलेक्टर को दिए ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि शिवनाथ नदी में ईरा एनीकट से ही 28 गांवों में नल-जल योजना के तहत पेयजल सप्लाई होता है। नदी सूखने से नल-जल योजना की पाइप भी सूख जाएगी। गर्मी में सभी 28 गांव के ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ सकता है।
हाईवे जाम करने की चेतावनी
शिवनाथ नदी में पानी छोड़ने की मांग को लेकर कलेक्टर टीके वर्मा और पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण के नाम दिए ज्ञापन में ग्रामीणों ने दो दिनों के भीतर समस्या का निराकरण करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि दो दिन में अगर पानी नहीं छोड़ा गया तो सभी 28 गांव के ग्रामीण खुटेरी चौक पर नेशनल हाईवे जाम करेंगे।
वर्जन
गर्मी में पेयजल को लेकर किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। पेयजल जैसी समस्या से निपटने के लिए अधिकारियों को पहले ही व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। शिवनाथ में भी नल-जल योजना के लिए पानी छोड़ने कहा गया है।
