राजनांदगांव । अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर शहर में इस बार महिलाएं खेल महोत्सव में प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। आठ व नौ मार्च को यह महोत्सव कराया जाएगा। इसके माध्यम से नगर निगम उन्हें मंच उपलब्ध कराने जा रहा है। महोत्सव की तैयारी शुरू कर दी गई है। महापौर ने खेल शिक्षकों व खेल से जुड़े लोगों के साथ बैठक कर इस पर विचार-विमर्श किया। श्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कार भी दिया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं के सम्मान में नगर निगम हर वर्ष कुछ न कुछ आयोजन कराता है। अब तक सम्मान समारोह होता रहा है। इस बार आयोजन का स्वरूप बदलकर खेल महोत्सव कराने का फैसला किया गया है।बैठक में तय की गई रूपरेखाः आयोजन के संबंध में महापौर कक्ष में महापौर हेमा सुदेश देशमुख की अध्यक्षता में स्कूलों के खेल शिक्षकों की बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इस वर्ष से खेल महोत्सव का आयोजन किया जाना है। इसे लेकर सभी से सुझाव भी मांगे गए। उसके अनुसार रूपरेखा तय की गई।
पारंपरिक खेल होंगे : महोत्सव में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों में महिलाएं जौहर दिखा सकेंगी। जैसे खो-खो, कबड्डी, फुगड़ी, गिल्ली-डंडा, पिट्टूल आदि खेलों में महिलाएं प्रदर्शन करेंगी। महापौर का मानना है कि आजकल इस तरह के पारंपरिक खेल बहुत कम देखने को मिलता है। इन खेलों के प्रति लोगों में रुझान लाने के लिए ही खेल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।बच्चे व बुजुर्ग भी खेल सकेंगेः बताया गया है कि वर्ष 2020-21 के बजट में भी प्रावधान किया गया था, जिसके क्रियान्वयन की कड़ी में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर खेल महोत्सव का आयोजन सर्वेश्वरदास स्कूल मैदान में किया जाएगा। इसमें न केवल महिलाएं, बल्कि बच्चे, युवतियां और बुजुर्ग महिलाएं भी भाग ले सकेंगी। महोत्सव में तेज पैदल चाल, जलेबी दौड, बोरा दौड, भौंरा, रस्साखींच, कुर्सी दौड, गेड़ी आदि खेल भी होंगे। इनके अलावा शतरंज, कैरम, बैडमिंटन, वालीबाल को भी प्रतियोगिता में शामिल किया जाएगा। हर खेल में मिलेगा पुरस्कारबैठक में निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक ने कहा कि खेल महोत्सव में विभिन्ना खेलों के लिए अलग-अलग पुरुस्कार भी रखा जाएगा। टीम एवं व्यक्तिगत खेलों के लिएअलग-अलग पुरस्कार रहेंगे। पुरस्कार में नकद राशि के अलावा प्रमाण पत्र व स्मृति चिन्ह भी दिया जाएगा। खेलों का आयोजन सुबह आठ से 11 बजे तक व दोपहर को तीन से शाम छह बजे तक किया जाएगा। साथ ही साहित्यिक सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे। बैठक में महापौर परिषद के प्रभारी सदस्यों मधुकर बंजारी, सतीश मसीह, संतोष पिल्ले, भागचंद साहू, गणेश पवार, राजा तिवारी, सुनीता फड़नवीस, बैना बाई टुरहाटे, जिला योजना समिति के सदस्य सिद्धार्थ डोंगरे सहित खेल अधिकारी एके एक्का, जिला क्रीड़ अधिकारी किशोर मेहरा, विकासखंड क्रीड़ा अधिकारी रणविजय प्रताप सिंह विशेष रूप से मौजूद थे। छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का लुत्फ उठा सकेंगेमहोत्सव के दौरान स्कूल मैदान में छत्तीसगढ़ी व्यंजन का भी लुत्फ लोगों को उठाने का मौका मिलेगा। इसके लिए छत्तीसगढ़ के गढ कलेवा का स्टाल भी लगाया जाएगा। बैठक में महापौर ने खेल शिक्षकों से कहा कि इन सभी खेलों के सफल आयोजन के लिये उनकी भागीदारी जरूरी है। सब मिलकर नियम, शर्तें बनाकर आयोजन को सफल बनाएंगे।
