डोंगरगांव । अंचल में लंबे समय से रेत का अवैध उत्खनन व परिवहन किया जा रहा है। विभागीय अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय हाथ में हाथ धरे बैठे हैं। खनिज संपदा के अंधाधुंध दोहन का कार्य तेजी से चल रहा है। पूरे क्षेत्र में खनिज माफिया तथा कथित ठेकेदार गिट्टी, मुरुम, रेत की खुलेआम लूट मचाकर शासन को राजस्व की भारी क्षति पहुंचा रहे हैं। दूसरी ओर खनिज विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों को अपने आप से फुर्सत नहीं है।डोंगरगांव क्षेत्र के ग्राम घोरदा में शिवनाथ नदी व पैरी नदी के संगम पर इन दिनों अंधाधुंध रेत निकासी का कार्य चल रहा है। शासन की ओर से ग्राम घोरदा के खसरा नं. 679 अंतर्गत 3.500 हेक्टेयर एरिया को साधारण रेत उत्खनन के लिए 25 अक्टूबर 2019 से 24 अक्टूबर 2021 तक के लिए लीज पर दिया गया है। लीज किसी और के नाम पर है और उत्खनन कोई कांग्रेस नेता द्वारा कराया जा रहा है। जिले की सभी रेत खदानों की तरह यहां भी बिना रायल्टी पर्ची के कई गाड़ियां पास हो रही हैं। इस प्रकार शासन को रोज हजारों रुपये का नुकसान हो रहा है।
एक रायल्टी पर्ची के पीछे कई गाड़ियां पारः घोरदा खदान में रेत निकालने की अनुमति तो मिल गई है, लेकिन रायल्टी के नाम पर जमकर खेल चल रहा है। एक रायल्टी पर्ची के पीछे आठ से 10 गाड़ियां दौड़ाई जा रही हैं। इस प्रकार प्रत्येक वाहन की रायल्टी पर्ची न काटकर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। इससे रायल्टी का काफी पैसा शासन तक नहीं पहुंच पा रहा है। ठेकेदार कम रेट में रेत निकालकर चार गुना दाम में बाजार में बेच रहे हैं। इससे घर बनाने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम घोरदा में रेत माफियाओं की चांदी ही चांदी है, क्योंकि यहां शिवनाथ व पैरी नदी के संगम पर भारी मात्रा में रेत का भंडार है। जानकारी के अनुसार यहां पर दो घाटों से अलग-अलग अवैध रूप से भी रेत निकाली जा रही है। शिकायत के बाद भी नहीं होती कार्रवाईग्राम के हेमंत, सुखलाल, शिवकुमार, मनोज, नागेश आदि ग्रामीणों ने बताया कि अवैध उत्खनन हो लेकर कई बार शिकायत हो चुकी है। लेकिन विभागीय अफसरों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। चालकों द्वारा रायल्टी पर्ची दिखाने पर अनभिज्ञता जाहिर की जाती है। ग्रामीणों के अनुसार घोरदा की रेत खदान में राजनांदगांव, अर्जुनी, डोंगरगांव सहित अन्य क्षेत्र की गाड़ियां प्रतिदिन लग रही हैं। उन्होनें शुरुआत में तहसीलदार प्रीति लारोकर को सूचित करते हुए रेत खदान में हो रही धांधली के संबंध में जानकारी दी थी, लेकिन कोई भी खदान की ओर झांकने तक नहीं गया। कार्रवाई की जाएगीतहसीलदार प्रीति लारोकर ने बिना रायल्टी पर्ची के दौड़ रहे वाहनों पर कार्रवाई करने की बात कही है। बहरहाल, खनिज विभाग की लापरवाही तथा शासन प्रशासन की अनदेखी के कारण अंचल के अनेक नदी-नालों से रोज अवैध रूप से रेत का परिवहन हो रहा है।
