बेमेतरा. जिले के अशासकीय विद्यालयों के संस्था प्रमुखों व समस्त सहायक नोडल अधिकारियों की बैठक बीते दिनों जिला शिक्षा अधिकारी बेमेतरा मधुलिका तिवारी की अध्यक्षता में हुई। सुनील तिवारी सहायक सांख्यिकी अधिकारी ने आगामी वर्ष आनलाइन आरटीई प्रवेश तथा विभिन्न विभागीय जानकारी जो समय पर कार्यालय द्वारा मांगी जाती है को समय-सीमा में प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया। बैठक में उपस्थित अशासकीय विद्यालयों के संस्था प्रमुखों को संबोधित करती हुई जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि इस वर्ष माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षाएं उन्हीं विद्यालयों में आयोजित होगी, जहां बच्चे अध्ययनरत हैं। अतः बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तथा कोरोना महामारी से बचाव के लिए जारी किए गए सभी निर्देशों का पालन करने करते हुए विद्यालय में आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली जाए।
उन्होंने कहा कि समस्त सहायक नोडल अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देशित किया गया है कि अपने नोडल क्षेत्र के अंतर्गत संचालित अशासकीय विद्यालयों का निरीक्षण कर स्पष्ट अभिमत सहित प्रतिवेदन कार्यालय में प्रस्तुत करें, कुछ सहायक नोडल अधिकारियों द्वारा अशासकीय विद्यालयों के निरीक्षण प्रतिवेदन अप्राप्त हैं तथा कुछ प्रस्तुत निरीक्षण प्रतिवेदन के अवलोकन से ज्ञात हुआ कि निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए निर्धारित बिंदुओं के अनुसार अभिलेख संलग्न नहीं किए गए हैं।
जिस पर तिवारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए समस्त उपस्थित सहायक नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि निरीक्षण प्रतिवेदन के लिए निर्धारित बिंदुओं के अनुसार संलग्न करते हुए ही निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए, जिससे अशासकीय विद्यालयों की मान्यता नवीनीकरण पर कार्रवाई की जा सके।
तिवारी ने अशासकीय विद्यालयों के संस्था प्रमुखों को निर्देशित किया कि अपने विद्यालयों में आवश्यक मान व मानकों की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करें। जिस किसी विद्यालय में जिन मान व मानकों की कमी है उसे फरवरी तक अनिवार्यतः पूर्ण कर ली जाएं। विद्यालयों को निर्देश दिए गए थे कि फीस समिति की बैठक आयोजित कर बैठक की कार्रवाई विवरण कार्यालय में प्रस्तुत करें। कुछ विद्यालयों द्वारा कार्यालय में प्रस्तुत कार्रवाई विवरण के अवलोकन से ज्ञात हुआ कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यालय फीस समिति के समक्ष प्रस्तावित शुल्क कक्षावार, मदवार प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि समस्त विद्यालय, विद्यालय फीस समिति के समक्ष कक्षावार, मदवार कुल वार्षिक शुल्क का प्रस्ताव प्रस्तुत करें तथा समिति द्वारा अनुमोदित शुल्क से कार्यालय को अवगत कराएं। बोर्ड परीक्षाओं में राज्य स्तर पर जिले को उल्लेखनीय स्थान दिलाने के उद्देश्य से जिले में मिशन 95 प्लस चलाया जा रहा है, चूंकि शिक्षा के क्षेत्र में अशासकीय विद्यालयों का महत्वपूर्ण योगदान है अतः जिले में चलाए जा रहे मिशन 95 प्लस को ध्यान में रखते हुए कक्षा 10वीं एवं 12वीं में अध्ययनरत बच्चों के अध्ययन-अध्यापन, परीक्षा की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
