राजनांदगांव। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की कटौती शुरू हो गई है। राजनांदगांव ब्लाक के ग्रामीण इलाकों को हर रोज डेढ़ से दो घंटे बिजली कटौती की जा रही है, जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्र के लोग परेशान हो गए हैं। व्यापारी वर्ग में भी आक्रोश बढ़ गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि बिजली बंद करने की किसी तरह की सूचना पहले नहीं दी जा रही है। बिना सूचना के ही डेढ़-दो घंटे बिजली सप्लाई बाधित की जा रही है, वह भी शाम को। इसके चलते ग्रामीण भी आक्रोशित हो गए हैं। गंभीर बात यह है कि बिजली बंद होने की शिकायत करने वालों को कारण तक नहीं बताया जा रहा है। विद्युत वितरण कंपनी की इस तरह की मनमानी की वजह से भी ग्रामीण उग्र हो रहे हैं।राजनांदगांव ब्लाक के ग्राम सोमनी, फरहद, ईरा, ककरेल, परमालकसा, ठेकवा, खुटेरी व आसपास के दर्जनभर गांवों में पिछले पखवाड़ेभर से हर रोज डेढ़-दो घंटे बिजली गुल की जा रही है। सोमवार को भी सोमनी व आसपास के गांवों में शाम साढ़े पांच बजे से करीब ढाई घंटे तक बिजली सप्लाई बंद रही। शाम के समय बिजली बंद होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के व्यापारियों में भी रोष देखा गया। ग्रामीण विद्युत सब स्टेशन भी शिकायत करने पहुंचे, लेकिन उन्हें राजनांदगांव शहर से सप्लाई बंद होने का हवाला देकर लौटा दिया गया। बिना सूचना के ही दो से ढाई घंटे बिजली कटौती करने से परेशान ग्रामीण अब उग्र आंदोलन की तैयारी में है।
सुब स्टेशन में आंदोलन की चेतावनीसोमनी के ग्रामीण हंसराज बंजारे व नरोत्तम बंजारे ने कहा कि पिछले 15 दिनों से बिजली की आंखमिचौली बढ़ गई है। हर रोज डेढ़ से दो घंटे सप्लाई बाधित की जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि सप्लाई बंद करने की वजह भी विद्युत सब स्टेशन के जेई व एई की जानकारी में नहीं होता। यानी शहर से मनमानी की जा रही है, या फिर बिजली बिल को हाफ कर सरकार उपभोक्ताओं को बिजली भी हाफ दे रही है। आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि बिना सूचना दिए घंटों विद्युत सप्लाई करने पर अब सब स्टेशन में उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस संबंध में विद्युत वितरण कंपनी के चीफ इंजीनियर टीके मेश्राम ने कहा कि सप्लाई बंद होने की जानकारी नहीं है। किसी तरह की कोई कटौती नहीं की जा रही है। ग्रामीणों की शिकायत की जांच कराएंगे।
