अंबागढ़ चौकी। छग मूर्तिकार व चित्रकार संघ के बैनर तले जल्द ही जिले के सभी विधानसभाओं में सम्मेलन किया जाएगा। सम्मेलन में संघ के कलाकार अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाएंगे। सक्रिय मूर्तिकार व चित्रकारों ने बताया की जल्द ही वे राजनांदगाव जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में मूर्तिकार व चित्रकार संघ का विधानसभा स्तरीय सम्मेलन कराएंगे। सम्मेलन में जिले व क्षेत्र के मूर्तीकार व चित्रकारों को संगठित कर स्थानीय कलाकारों को संरक्षण व प्रोत्साहन देने के लिए आवाज उठाई जाएगी।
संघ का कहना है कि जिले ही नहीं छग में उनके अधिकारो को छीना जा रहा है, इसलिए वे अपने अधिकारों के सरंक्षण के लिए संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। इस सम्मेलन में स्थानीय विधायक व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। संघ के पदाधिकारियों ने सोमवार को खुज्जी विधानसभा क्षेत्र की विधायक छन्नाी चंदू साहू से भेंट कर उन्हे विधानसभा स्तरीय सम्मेलन में मुख्य आतिथ्य करने के लिए आमंत्रित करते हुए समय देने की मांग की। इस दौरान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी समस्याओं को विधायक साहू के समक्ष रखते हुए न्याय की फरियाद की।
0 कलाकारों को नहीं मिल रहा शासकीय कार्य
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि राजनांदगाव जिले में शसकीय भवनों की पोताई, पेंटिंग व चित्रकारी का काम बड़े-बड़े ठेकदार कर रहे हैं। इससे लोकल के कलाकारों व स्थानीय मूर्तिकार व चित्रकारों को शासकीय कार्यो में काम करने का अवसर नहीं मिल रहा है। संघ ने विधायक से मांग की कि वे स्थानीय स्तर पर होने वाले शसकीय कार्यों में स्थानीय लोगों को अवसर दिलाएं। संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक यादव ने बताया कि राजनांदगांव जिले में स्थानीय कलाकारों को संगठित करने व उन्हें उनका अधिकार दिलाने के लिए छग स्तर पर मूर्तिकार व चित्रकार संघ का गठन किया गया है। संघ की मजबूती के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में संघ का विधानसभा स्तरीय सम्मेलन कराने का निर्णय लिया गया है। संघ की मजबूती व अधिकारों की रक्षा के लिए क्षेत्र के विधायकों को संघ का संरक्षक बनाया गया है। मोहला-मानपुर में छग शासन के संसदीय सचवि विधायक इंद्रशाह मंडावी व खुज्जी में छन्नाी चंदू साहू को संघ का सरंक्षक बनाया गया है। इस दौरान जिलाध्यक्ष देवीलाल रंगारी, ब्लाक अध्यक्ष योगेश पाल, कन्हैया निषाद, देवनाथ साहू, सुनील देवागंन, गौतम वर्मा, प्राीतम कोठारी, मंगल, दुर्गा प्रसाद, कुंभकार, देवीलाल रंगारी, गौरव बाबा, भागवत प्रसाद, धनंजय निषाद, मोहन निषाद, भागवत नेताम, चंद्रप्रकाश व अन्य मौजूद रहे। बचपन उनकी माता जीजा बाई के देखरेख में हुआ था।
