बिलासपुर। हाई कोर्ट ने एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) रायपुर में पदस्थ स्टेनो के खिलाफ विभागीय जांच पर रोक लगा दी है। साथ ही प्रकरण में राज्य शासन व एसीबी के अफसरों से जवाब मांगा है।
रायपुर के राजेंद्र नगर स्थित जूनियर एमआइजी निवासी सुरेंद्र कुमार बंसल एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर में स्टेनो टायपिस्ट के पद पर पदस्थ थे।पदस्थापना के दौरान वर्ष 2018 में उन पर गबन का आरोप लगा। इस पर उनके खिलाफ रायपुर के सिविल लाइन थाने में धारा 409, 407 के तहत अमानत में खयानत का अपराध दर्ज करा दिया गया। इस आपराधिक मामले में ट्रायल की प्रक्रिया रायपुर के सिविल न्यायालय में चल रही है। इसी बीच एंटी करप्शन ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक ने इसी गबन के मामले में सुरेंद्र कुमार बंसल के खिलाफ आरोप पत्र जारी किया और प्रकरण में विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी।इस पर सुरेंद्र बंसल ने एसपी की कार्रवाई को चुनौती देते हुए अपने वकील अभिषेक पांडेय व दीपिका सनंत के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी। इसमें बताया गया कि किसी भी शासकीय कर्मचारी के खिलाफ किसी गड़बड़ी व अनियमितता सहित अन्य प्रकरण में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया गया है और मामला न्यायालय में लंबित है तो उसी प्रकरण में लगे आरोपों के आधार पर उसके खिलाफ विभागीय जांच की कार्रवाई नहीं की जा सकती।इससे कार्रवाई अवैधानिक व दूषित मानी जाती है। याचिका में बताया गया है कि इस प्रकरण में दोनों मामलों में अभियोजन साक्षी समान हैं। इससे साक्षियों के प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है। हाई कोर्ट ने इस प्रकरण की सुनवाई के बाद मामले में स्थगन आदेश जारी किया है। साथ ही एसीबी रायपुर के एसपी को याचिकाकर्ता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए .






