राजनांदगांव| खरीफ सीजन में बोनी के लिए किसानों को डीएपी खाद नहीं मिल रही है। जिले की अधिकांश समितियों से डीएपी खाद का संकट दूर नहीं हो सका। जिसके चलते किसान समितियों का चक्कर काटने मजबूर किसानों को निजी दुकानों से महंगे दाम पर डीएपी खरीदनी पड़ रही है। इस साल खरीफ सीजन में 1 लाख 82 हजार हेक्टेयर में बोनी का लक्ष्य रखा गया है। किसानों की मांग के अनुसार समितियों में खाद-बीज का भंडारण नहीं हो सका। माहभर से समितियों डीएपी की कमी बनी है।
खरीफ सीजन में बोनी करने किसानों ने तीन माह के भीतर करीब एक हजार करोड़ नगदी एवं खाद-बीच के रूप में कर्ज लिया है। अफसरों के मुताबिक 15 हजार क्विंटल बीज का किसानों को वितरण किया गया। किसानों ने 50 हजार मिट्रिक टन खाद का उठाव कर लिया। जिले में बोनी जारी है इसी समय किसानों को डीएपी की जरूरत पड़ती है लेकिन इसकी समस्या बनी हुई है। किसानों को जरूरत के मुकाबले कम और किस्तों में यह खाद मिल रही उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
सीजन की शुरुआत से ही डीएपी व यूरिया की कमी किसान खरीफ सीजन की बोनी में जुटे हुए है। किसानों ने समितियों और निजी दुकानों ने डीएपी और यूरिया खाद खरीदी है। डोंगरगढ़ क्षेत्र के किसान छबिलाल यादव रामचंद्र, गनपत, भवानी ने बताया कि उन्होंने बोनी की अब उन्हें बारिश का इंतजार है। अभी बारिश होगी तो कोई नुकसान नहीं होगा और देरी हुई तो उनकी परेशानी बढ़ेगी और दोबारा बोनी करने की नौबत आ सकती है। उन्होंने बताया समितियों से किश्तों में और कम मात्रा में डीएपी मिली उन्होंने निजी दुकानों से खरीदी कर बोनी की है।







