बिलासपुर । पदोन्नति के बाद वेतनमान बढ़ने के बजाय कम हो गया। इसे लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर 90 दिनों के भीतर प्रकरण का निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका को निराकृत कर दिया है। जांजगीर-चांपा जिले के सक्ती में कृषि विभाग में थ्रेसर के पद पर कार्यरत यूके चंद्रा ने अपने वकील के जरिए हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि वर्ष 2018-19 में राज्य शासन ने एक आदेश जारी कर उनका प्रमोशन कर दिया। पदोन्नति के बजाय वेतनमान में बढ़ोतरी के बजाय कम कर दिया। वेतन निर्धारण में त्रुटि को सुधारने और काटी गई वेतन बढ़ोतरी के साथ भुगतान की मांग की थी। मामले की सुनवाई जस्टिस पी सैम कोशी के सिंगल बेंच में हुई । प्रकरण की सुनवाई के बाद जस्टिस कोशी ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर 90 दिनों के भीतर याचिकाकर्ता के प्रकरण का निराकरण करने का निर्देश दिया है।






