राजनांदगांव। प्रधानमंत्री मोदी हर मामले में फेल है। महंगाई अपने चरम सीमा पर है। जिसमें सभी प्रकार के सभी वर्ग के व्यक्ति कोविड-19 कोरोना काल में पीस रहे है। उक्त बातें मध्यप्रदेश खनिज निगम के पूर्व अध्यक्ष कुतबुद्दीन सोलंकी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर पेट्रोल, डीजल के भाव तय होते है, जबकि लगातार पेट्रोल, डीजल के भाव बढ़ रहे है, जबकि उस वक्त अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के कीमतें कम थी। सोलंकी ने आगे कहा कि लॉक डाऊन के कारण संपूर्ण भारत वर्ष के गरीब और मध्यमवर्ग के व्यक्ति त्रस्त है, उनके रोजगार के साधन बंद हो गये है। रोजी-रोटी छीन गयी है तथा महंगाई चरम सीमा पर है।सोलंकी ने आगे कहा कि ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी व्यक्तियों को राशन दिलाने के बजाय पेट्रोल एवं डीजल की कीमतें बढ़ाकर लोगों के जख्म पर नमक छिड़क रहे है। इससे लॉक डाऊन में उबरने का प्रयास कर रहे व्यक्तियों को झटका लगा है।कोविड-19 कोरोना से भारत वर्ष में भय और डर का माहौल बना हुआ है। सोलंकी ने आगे कहा कि केंद्र में मोदी सरकार ने संवेदनहीनता दिखाते हुए पेट्रोल डीजल के कीमतों में बेतहाशा वृद्धि की है। हमारी कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करती है।
