रायपुर. देश के एक दर्जन से ज्यादा छोटे राज्यों के जीएसटी राजस्व तुलना की छत्तीसगढ़ की स्थिति सबसे बेहतर है। झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिसा समेत कई राज्यों से छत्तीसगढ़ की स्थिति बेहद अच्छी है। अनलॉक-1 शुरू होने के साथ ही जीएसटी टैक्स कलेक्शन लगभग उसी तरह तेजी से बढ़ा है, जैसा पिछले साल अप्रैल-जून यानी पहली तिमाही में था। प्रदेश में इस बार पहली तिमाही में अप्रैल और मई यानी 2 महीने लाॅकडाउन के हैं। इसके बावजूद जीएसटी पिछले साल इसी तिमाही में मिले टैक्स के मुकाबले केवल 35 फीसदी ही कम है। जबकि देश में अच्छे बिजनेस वाले बड़े राज्यों में जीएसटी 50 से 65 फीसदी तक कम मिला है।
छत्तीसगढ़ जीएसटी विभाग के अनुसार पिछले साल अप्रैल से जून तक यानी तीन महीने में राज्य में पिछले साल अप्रैल की पहली तिमाही में 2689 करोड़ रुपए जीएसटी मिला था। इस साल अप्रैल-मई लगभग बंद था, फिर भी पहली तिमाही में जीएसटी के रूप में 1727 रुपए मिल चुके हैं। इसके मुकाबले महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों में यह कमी आधे से भी ज्यादा है। वहां पिछले साल इसी तिमाही में 22005 करोड़ का टैक्स मिला था, जो इस साल पहले क्वार्टर में घटकर 8042 करोड़ रुपए रह गया है। कई राज्य तो इससे भी बहुत पीछे चल रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में 2019 में 2,093 करोड़ रुपए जीएसटी कलेक्शन हुआ था। लेकिन अब तक लॉकडाउन के बावजूद 2,549 करोड़ का जीएसटी मिल चुका है। यानी पिछले साल की तुलना में करीब 22 फीसदी ज्यादा कलेक्शन हुआ है। जून 2020 में जयपुर (राजस्थान) के बाद रायपुर में सबसे ज्यादा कार और बाइक की बिक्री हुई है। रायपुर में मई में 7603 बाइक बिकी थी, लेकिन जून में इसकी संख्या बढ़कर 27 हजार हो गई। आरटीओ के अनुसार लॉकडाउन में अप्रैल में 891, मई में 9681 और जून में 32982 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ है।
लॉकडाउन से राहत मिलने के साथ ही राज्य के कई सेक्टर में जबर्दस्त तेजी आई। पेट्रोल-डीजल में मिलने वाले वैट में दो महीने में सबसे कम टैक्स मिला, लेकिन जून में इसमें जबर्दस्त बढ़ोतरी हुई है। ऑटोमोबाइल, सीमेंट, स्टील, टेलीकम्यूनिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक, एफएमसीजी गुड्स से मिलने वाला जीएसटी भी पिछले दो महीने की तुलना में कई गुना बढ़ रहा है। अफसरों को इस बात से राहत मिली है कि छत्तीसगढ़ में कारोबार पहले की तरह ही सामान्य हो है।
