उदयपुर जिले के गोगुंदा थाने के अंदर पुलिस हिरासत में गुरुवार शाम हुई युवक सुरेन्द्र सिंह देवड़ा की मौत के मामले को लेकर आज कस्बे में जमकर बवाल हुआ। राजपूत करणी सेना के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने थाने का घेराव किया। इस दौरान जिम्मेदार पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई। पुलिस और प्रशासन के साथ चली लंबी वार्ता के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी। इसके बाद लोग शांत हुए और शव का पोस्टमार्टम करवाने पर राजी हुए। उदयपुर गोगुन्दा थाना में पुलिस हिरासत में हुई सुरेन्द्र की मौत ने एक बार फिर खाकी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुरेन्द्र की मौत के बाद सुबह राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना मेवाड़ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने गोगुंदा थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। लोग केस से संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने, पूरे थाना स्टाफ को निलंबित करने और परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग पर अड़ गए। इस दौरान समाज के लोगों ने जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और गोगुन्दा रोड को जाम कर दिया। वहीं मांगें पूरी नहीं होने तक शव का पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और समाज के लोगों के बीच लंबी वार्ता का दौर चला। पूरे दिन चले समझाइश के बाद शाम को एसपी विकास शर्मा ने गोगुन्दा थाने के थानेदार अनिल विश्नोई सहित केस से संबंधित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे थाने को लाइन हाजिर करने का आदेश जारी कर दिया। वहीं प्रशासन की तरफ से सरकार को मृतक के आश्रितों को 50 लाख का मुआवजा देने और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के लिए पत्र लिखा गया है। मांगें पूरी होने के बाद परिजन मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होने की बात के साथ पीएम के लिए सहमत हुए। इसके बाद मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया।
परिजनों ने लगाए आरोप
पुलिस हिरासत में हुई सुरेंद्र की मौत के बाद पुलिस ने हार्टअटैक से मौत होने की संभावना जताई। वहीं परिजनों ने पुलिस पर सुरेन्द्र को टॉर्चर करने और मारपीट करने का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि इसी कारण से सुरेन्द्र की मौत हुई। वहीं एसपी विकास शर्मा ने पूरे मामले की न्यायिक जांच के आदेश जारी किए हैं। वहीं, शर्मा ने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह था पूरा घटनाक्रम
बताया जा रहा है कि 10 दिन पहले 15 मई को गोगुंदा के देवड़ों का खेड़ा निवासी सुरेन्द्र सिंह गांव की ही रहने वाली मेघवाल समाज की 22 वर्षीय एक युवती को लेकर भाग गया था। इस पर युवती के परिजनों ने 16 मई को गोगुंदा थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए युवक-युवती को दमन से दस्तयाब कर लिया। पुलिस ने युवती के बयान लिए और उसे परिजनों के साथ भेज दिया।
