आरोपियों ने पांच अप्रैल 2021 को नाबालिग का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने आरोपियों को 27 मई 2021 को गिरफ़्तार कर लिया था। विशेष न्यायालय पॉक्सो सवाई माधोपुर ने नाबालिग बच्ची का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले की सुनवाई करते हुए करौली के कैलादेवी निवासी दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 80-80 हज़ार रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाया है। सवाई माधोपुर की पोक्सो स्पेशल कोर्ट ने नाबालिग बच्ची से गैंगरेप के आरोपियों करौली निवासी गोविंद चतुर्वेदी और सीताराम चतुर्वेदी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय ने दोनों आरोपियों को 80-80 हजार रुपये के अर्थदंड से दिया है। विशिष्ठ लोक अभियोजक अनिल कुमार जैन ने बताया कि आरोपियों ने पांच अप्रैल 2021 को नाबालिग का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया था। घटना को लेकर पीड़िता के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ उदई मोड़ थाना गंगापुरसिटी में नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने का मामला दर्ज कराया था। जिस पर पुलिस ने आरोपियों को 27 मई 2021 को गिरफ़्तार कर लिया था। तब से ही दोनों आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे हैं। कोर्ट ने दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा के साथ 80-80 रुपये जुर्माना लगाया
पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किए। न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपियों को दोषी माना और दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही न्यायालय ने आरोपियों को 80-80 हजार रुपये के अर्थदंड भी दिया है।
