कन्नौज जिले में कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। दो दिन पहले ही शहर में कुत्तों के झुंड ने एक आठ वर्ष के एक मासूम को नोंचकर जान ले ली थी। उसके बाद भी काटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इन सबके बीच प्रशासन पूरी तरह से बेखबर है।
हालांकि जिले में पहले भी कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ी हैं। उसके बाद लोग बचाव के लिए अस्पतालों की दौड़ लगाते हैं। एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाकर वह संक्रमण से बचाव की कोशिश करते हैं। लेकिन इस बार कुत्तों का आतंक ज्यादा ही बढ़ा हुआ है।
दो दिन पहले शहर के मकरंदनगर इलाके में घर से बाहर निकले आठ वर्ष के मासूम के साथ भी ऐसा ही हुआ था। कुत्तों ने उसे बेरहमी से नोच डाला और इससे उसकी मौत हो गई। इसके बावजूद जिला प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई पहल नहीं हो रही है।
प्रशासन ने नहीं की है कोई पहल
न ही कोई संगठन इस पर अपनी आवाज उठा रहा है। नगर पालिका की ओर से पहले ही इस पर असमर्थता जताई जा चुकी है। कोई सुविधा और संसाधन न होने का हवाला देकर पालिका प्रशासन हाथ खड़ा कर चुका है। जिला प्रशासन की ओर से भी कोई पहल नहीं की गई है।
तालग्राम में कुत्तों का आतंक, आठ लोगों को काटा
क्षेत्र में अलग-अलग गांवों में आबादी के बीच घूम रहे कुत्तों ने शुक्रवार को हमला बोल कर आठ लोगों को काटकर जख्मी कर दिया। घायलों का सीएचसी में उपचार कराया गया। कुत्तों के आतंक से लोग दहशत में हैं। शुक्रवार को रोहली गांव में श्रृष्टि (5) पुत्री बृजेश कुमार, आर्यन (2) पुत्र अमित सिंह को काटा था।
ये भी हुए थे घायल
वहीं, सरायप्रयाग के मनीष (9) पुत्र रंजीत, नरुइया के अक्षय (9) पुत्र अवनीश, चांदापुर निवासी सुनील (22), सलेमपुर के शिब्बू (27), तेरारब्बू की गुड्डी (45) और जितिन (22) समेत आठ लोगों को काटकर जख्मी कर दिया। इसके अलावा कई लोगों पर भी हमला किया था।
प्रतिदिन पहुंच रहे हैं 20 लोग
जख्मी लोगों का सीएचसी में इलाज कराया गया और रैबीज इंजेक्शन लगाया गया। एंटी रैबीज इंजेक्शन का दूसरा और तीसरी डोज लगवाने 13 लोग पहुंचे। फार्मासिस्ट श्याम नारायण ने बताया कि इंजेक्शन लगवाने के लिए प्रतिदिन 20 लोग आ रहे हैं।
कुत्ते के काटने पर यह बरतें सावधानी
सीएचसी प्रभारी डॉ. कुमारिल मैत्रेय ने बताया कि कुत्ता काटने पर सावधानी जरूर बरतें। इसके बाद नियमित समय पर एंटी रैबीज की सभी पांच डोज लगवाएं। कुत्ता, बंदर, अन्य कोई जानवर काटे तो सरकारी अस्पताल में उपचार कराएं। देशी उपचार के नुक्शे न अपनाएं, सावधानी बरतें।
यह सावधानी है जरूरी
- घाव को सबसे पहले साफ करें, साबुन से खूब धोएं।
- घाव पर हल्दी, मिर्च अथवा अन्य कोई चीज बिल्कुल भी न लगाएं।
- बड़ा घाव है तो ढीला करके साफ कपड़ा बांधें, अन्यथा घाव खुला रखें।
- जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचे, टिटनेस व एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाएं।
