राजनांदगांव। डोंगरगढ़ ब्लॉक के मोहारा पुलिस चौकी प्रभारी योगेश अग्रवाल पर रुआंतला के ग्रामीणों ने पिटाई करने का आरोप लगाया है। शनिवार को कंटेनमेंट गांव रुआंतला से राजनांदगांव एसपी कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने चौकी प्रभारी को हटाने की मांग की है। जिला पंचायत सदस्य महेंद्र यादव के साथ जिला मुख्यालय आए ग्रामीणों ने बताया कि मास्क नहीं लगाने पर खेत जा रहे किसानों की मोहारा पुलिस चौकी प्रभारी ने पिटाई की है। पीड़ितों के शरीर में पुलिस के डंडे का निशान भी हैं। मामला बीते 15 जून का है। ग्रामीणों ने एसपी जितेंद्र शुक्ल को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग रखी है जिस पर एसपी शुक्ल ने जांच का आश्वासन दिया है।
प्रभारी को हटाने की मांग
कंटेनमेंट जोन से जिला मुख्यालय पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे रूआंतला के ग्रामीणों ने मोहारा पुलिस चौकी प्रभारी योगेश अग्रवाल को हटाने की मांग की है। ग्रामीण उत्तम साहू, सुकलाल वर्मा, बसंत साहू, खेमचंद व अन्य ग्रामीणों ने कहा कि मामला बहुत गंभीर है। घटनाक्रम की जांच कराकर पुलिस प्रशासन चौकी प्रभारी के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई करें। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि कंटेनमेंट जोन बताकर पुलिस खेत जाने वालों को भी रोक रहे हैं। ऐन किसानी के सीजन में अगर पुलिस इस तरह मारपीट करेगी तो किसानों को दिक्कत तो होगी ही। गांव वालों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग रखी है।
पीट और पैर में चोट के निशान
शिकायत करने पहुंचे पीड़ित भैयालाल वर्मा ने कहा कि वो दो अन्य श्रमिकों के साथ अपने खेत जा रहे थे। इस बीच पुलिस ने रास्ते में उन्हें मास्क नहीं लगाने पर फटकार लगाई। जब उन्होंने किसानी काम से खेत जाने की बात कही तो चौकी प्रभारी ने सीधे डंडे बरसा दिए। मारपीट में मेरे अलावा हरगुन साहू और भीखम साहू को मार पड़ी। भैयालाल के पीठ और पैर पर भी चोट के निशान हैं। पीड़ित ने कहा कि पुलिस की मारपीट के बाद वो मानसिक रूप से परेशान हो गए थे। तीन दिन बाद जब ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी गई, तब ग्रामीणों के साथ शिकायत करने आए हैं।
किसानी काम हो रहा प्रभावित
ग्रामीणों ने बताया कि कंटेनमेंट जोन में आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित की जा रही है, जिसके कारण किसानी का काम प्रभावित हो रहा है। जिला पंचायत सदस्य महेंद्र यादव ने कहा कि कंटेनमेंट जोन में पुलिस की इतनी सख्ती नहीं होनी चाहिए। मास्क नहीं लगाना ग्रामीणों की गलती है, लेकिन इस गलती पर डंडे से पिटाई करना पुलिस की ज्यादती है। हाल ही में बेलगांव में सामने आयी घटना के बाद डीजीपी ने सभी एसपी व थाना प्रभारियों को आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार नहीं करने को समझाया है बावजूद यहां ग्रामीणों के साथ मारपीट की की जा रही है। घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
चौकी प्रभारी बोले-आरोप बेबुनियाद है
ग्रामीणों की शिकायत को मोहारा पुलिस चौकी प्रभारी योगेश अग्रवाल ने पूरी तरह झूठा बताया है। उन्होंने कहा कि रूआंतला गांव कंटेनमेंट जोन है। गांव के सभी रास्ते बंद किए हैं। बावजूद कुछ ग्रामीण बेरिकेट्स तोड़कर बेलगांव पहुंच रहे हैं। जो लोग मारपीट होने की शिकायत कर रहे हैं, उनमें से दो लोग दूसरे गांव से हैं। शिकायत में ग्रामीणों ने खेत जाने की बात कही है, जो पूरी तरह गलत है। गांव में शराब पीकर आए दिन गाली-गलौज की शिकायत पर उक्त व्यक्ति को फटकार लगाई गई है। उसके साथ मारपीट नहीं किए हैं। झूठा आरोप लगाकर कुछ ग्रामीण मामले को राजनीतिक तूल दे रहे हैं। पूरे घटनाक्रम की जांच करा लें। मैंने किसी को डंडा नहीं मारा है।
कंटेनमेंट जोन में थोड़ी-बहुत पुलिस सख्ती तो करेगी ही। ग्रामीणों ने मारपीट की शिकायत की है। इसकी जांच की जाएगी। अगर जांच में शिकायत सही मिली तो जरूर कार्रवाई करेंगे।
जितेंद्र शुक्ल, पुलिस अधीक्षक


