रायपुर. रविवार सुबह 10.25 बजे से सूर्यग्रहण लगेगा। यह ग्रहण छत्तीसगढ़ में दिखाई नहीं देगा पर मान्य होगा। इस दौरान पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। सूतक लगने की वजह से 12 घंटे पहले यानी शनिवार रात से ही मठ-मंदिरों के पट भक्तों के लिए बंद हो गए हैं जो रविवार को दोपहर बाद ही खुलेंगे। यही वजह है कि ग्रहण के दौरान भक्त घरों में रहकर आराधना करेंगे।
ज्योतिषाचार्य डॉ. दत्तात्रेय होस्केरे ने बताया कि रायपुर और आसपास लगभग डेढ़ सौ किमी के दायरे में ग्रहण लगेगा। यह कंकड़ाकृति ग्रहण है। खास बात यह है कि जब ग्रहण लग रहा है उस दौरान गोचर में बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु वक्री हैं। यानी उल्टी चाल चल रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि 6 ग्रहों के वक्री रहते आज से 100 साल पहले सूर्यग्रहण पड़ा था। वैसे तो सभी ग्रहण के प्रभाव सामान्य होते हैं, लेकिन क्योंकि यह ग्रहण मंगल प्रधान मृगशिरा नक्षत्र और मिथुन राशि में पड़ रहा है इसीलिए इसका असर पूरे विश्व में दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि भूमि हथियाने राष्ट्रों के बीच संघर्ष तेज हो सकता है। राष्ट्रों द्वारा बड़े निर्णय लेने में चूक भी हो सकती है। ग्रहण का असर क्योंकि मेदिनी यानी पृथ्वी पर पड़ता है इसलिए अगले 6 से 8 महीने में उत्तर भारत और पश्चिमी भारत में बड़े भूकंप की आशंका भी जताई जा रही
प्रारंभ में जप, मध्य में हवन मोक्ष में करें स्नान, मिलेगा कई गुना पुण्य
डॉ. इंदुभवानंद ने कहा कि सूर्यग्रहण रविवार को पड़ रहा है इसीलिए यह चूड़ामणि ग्रहण है। मान्यता है कि इस दौरान जप-तप और पुण्य स्नान करें तो करोड़ों गुना अधिक पुण्य मिलता है। ग्रहण के प्रवेश में जप करना चाहिए। मध्य अवधि में हवन करने का महत्व है और ग्रहण का मोक्ष यानी ग्रहण गुजरने के बाद पुण्य स्नान करना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिस नक्षत्र में ग्रहण पड़ता है वह 6 माह के लिए प्रतिबंधित हो जाता है। यानी इस नक्षत्र में शुभ कार्य नहीं किए जाते। रविवार को ग्रहण मृगशिरा नक्षत्र में पड़ रहा है।
ग्रहण खगोलीय घटना, पृथ्वी पर कोई असर नहीं
अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि सूर्यग्रहण महज एक खगोलीय घटना है। इसका किसी भी तरह की अनहोनी से कोई लेना-देना नहीं। इस बार सूर्यग्रहण के समय कोरोना वायरस का संक्रमण विश्व के अनेक देशों में फैला हुआ है, पर सूर्य ग्रहण का कोरोना से कोई संबंध नही है। ग्रहण होने से न ही कोरोना कम हो जाएगा। न ही बढ़ जाएगा। ऐसी किसी भी भविष्यवाणी पर विश्वास नही करें। ग्रहण एक खगोलीय घटना है। उन्होंने कहा कि सूर्यग्रहण से किसी भी राशि के व्यक्ति, गर्भवती महिला, जल एवं खाद्यान्न पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता इसलिए इससे जुड़े अंधविश्वास या भ्रम में न पड़ें।
- गरिष्ठ भोजन करने से बचें।
- किसी तरह का बड़ा सौदा न करें।
- व्यापार संबंधी बड़े निर्णय न लें।
- गर्भवती स्त्री सूर्य के संपर्क में न आएं।
