राजनांदगांव. शनिवार को जिले में एक आरक्षक ने अपनी पत्नी को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली से उड़ा लिया। आरक्षक मुकेश मनहर अपने परिवार को आर्थिक मदद करता था, जिसका विरोध उसकी पत्नी बबिता करती थी। पहले भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच कई बार विवाद हो चुका था। पत्नी आरोप लगाती थी कि वह (मुकेश) अपने परिवार के सदस्यों से उससे ज्यादा अहमियत देता है। बस इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद की स्थिति बनती थी। हालांकि कभी विवाद ने इतना बड़ा रूप नहीं लिया कि आसपास के लोगों को सुलझाने आना पड़ा हो। शुक्रवार रात करीब 9.30 बजे मुकेश के बड़े भाई का मालखरौद के अमलीडीह गांव से फोन आया। इसमें तीन दिन बाद चाचा के परिवार में होने वाली शादी की चर्चा हुई। मुकेश ने शादी में आने की बात कही, लेकिन पत्नी फिलहाल वहां न जाने की बात कहने लगी। इसी बात पर रात में दोनों के बीच जमकर विवाद हुआ। विवाद सुनकर आसपास की महिलाएं भी उन्हें समझाइश देने पहुंची। लेकिन मुकेश इतना आवेश में आ गया कि उसने अपनी एसएलआर पत्नी पर तान दी। पड़ोस की महिलाएं गोली चल जाने की बात कहकर उन्हें समझाने का प्रयास करती रही, लेकिन दोनों शांत नहीं हुए और पत्नी भी मुकेश को भला बुरा सुनाती रही। इसी बीच मुकेश ने अपनी पत्नी पर बबिता पर गोली चला दी, जो उसके गले को चीरती हुई निकल गई। इसके कुछ ही मिनट बाद आरक्षक मुकेश ने खुद को भी गोली मार ली। दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। ड्यूटी में जाने पहन ली थी वर्दी, 10 मिनट में हो गई घटना: मानपुर टीआई प्रदीप सोरी ने बताया कि रात 10 बजे से मुकेश की मोर्चा ड्यूटी थी, जिसके लिए वह तैयार हो चुका था। विवाद के बीच ही वह वर्दी पहनकर ड्यूटी में निकलने पूरी तरह तैयार था, लेकिन इसके दस मिनट पहले ही करीब 9.50 बजे ये पूरी वारदात हो गई। चार साल की बेटी भीतर सोई थी, उठी तो दोनों के खून से लथपथ शव को देखा : मुकेश और बबिता की चार साल की बेटी लीजा भी है। जो घटना के वक्त भीतर के कमरे में सोयी हुई थी। हल्ला मचा तब लीजा की नींद खुली। बेटी लीजा अपनी मां के शव के पास बैठकर रोती रही। भाई से कहा था- शादी में सबको लेकर आउंगा : शव लेने पहुंचे मुकेश के बड़े भाई प्रकाश ने पुलिस को बताया कि चाचा के परिवार में शादी थी। शुक्रवार की रात करीब 9.20 बजे मुकेश से बात हुई। जिसमें मुकेश ने बताया कि वह शादी में सबको लेकर आना चाहता है।
