ग्वालियर
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज अपराह्न 4 बजे राजकीय विमान से ग्वालियर आएंगे। इसे बाद वे हेलिकाप्टर से दतिया रवाना होंगे। दतिया में वे पीतांबरा माई के रथ को खींचेंगे। उनके साथ ही राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, प्रदेश के गृहमंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा, लोक निर्माण विभाग राज्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश धाकड़, क्षेत्रीय सांसद संध्या राय के साथ मंदिर के सभी पुजारी और साधक खीचेंगे। रथ यात्रा शहर के अंदर मुख्य मार्गों से होते हुए स्टेडियम पर पहुंचकर संपन्न होगी।
रथ यात्रा पीतांबरा पीठ के सिंह द्वार से प्रारंभ होकर राजगढ़ चौराहा, तिगेलिया, टाउन हॉल, पटवा तिराहा,किला चौक होते हुए पकोड़ियां महादेव राजगढ़ चौराहा बम बम महादेव होते हुए स्टेडियम ग्राउंड पहुंचेगा। सुप्रसिद्ध भजन गायक लखवीर सिंह लख्खा भी स्टेडियम ग्राउंड में अपने भजनों की प्रस्तुति देंगे।
पीठ से जुड़े सूत्रों के मुताबिक रथ यात्रा मार्ग एवं उससे जुड़े हुए मार्ग पर यातायात प्रतिबंध रहेगा । रथ यात्रा मार्ग में किसी भी प्रकार के दो पहिया, तीन पहिया, चार पहिया वाहनों का आवागमन प्रतिबंध रहेगा। रथ यात्रा में फल व सब्जी के ठेले भी प्रतिबंध रहेंगे झांसी, ग्वालियर, शिवपुरी से आने वाले वाहनों की पार्किंग नंबर 1 पुलिस परेड ग्राउंड पुलिस लाइन में रहेगी यह पार्किंग भर जाने पर अन्य वैकल्पिक पार्किंग पुराना केंद्रीय विद्यालय शिव उमा मैरिज गार्डन शुभारंभ मैरिज गार्डन एवं होमगार्ड कार्यालय कैंपस में रहेंगे उन्नाव से आने वाले वाहन स्टेडियम के सामने गोदाम पार्किंग नंबर 3 से पार्क होंगे सेवढ़ा एवं भांडेर से आने वाले वाहन कृषि मंडी पार्किंग नंबर 4 में पार्क होगी
ड्रोन की जा रही है निगरानी
रथ यात्रा को लेकर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। इस बीच लगभग 15 ड्रोनों से इस रूट की निगरानी की जा रही है। जिसमें हर एक ड्रोन का क्राइटेरिया निर्धारित किया गया है।
गृहमंत्री नरोत्तम बोले- हम रहें या न रहें यह परंपरा रहेगी
दतिया में ओडिशा राज्य के पुरी में निकाली जाने वाली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा की तरह नई परंपरा शुरू होने जा रही है। यहां भी को मां पीतांबरा की रथ यात्रा निकाली जाएगी। गृहमंत्री मिश्रा ने कहा कि शोभा यात्रा निकलना अलग बात है। 4 मई से दतिया में परंपरा शुरू हो रही है। हम रहें या न रहें यह परंपरा रहती है। भगवान जगन्नाथ जी का रथ निकलता है। इसे शुरू करने वाले भले नहीं है। लेकिन सैकड़ों वर्षों पहले शुरू की गई यह परंपरा आज भी है। बाला महाकाल की सवारी निकालने की परंपरा है। कल हम भी नहीं होंगे, लेकिन यह परंपरा होगी। मिश्रा ने कहा कि माई के भक्तों और स्वामी के शिष्यों द्वारा यह परंपरा प्रारंभ होने जा रही है। इसमें बड़ी संख्या में देशभर से माई के भक्त इसके लिए पहुंच रहे हैं।
सवा लाख दीपकों की रोशनी से जगमगाया श्री पीताम्बरा पीठ
पीताम्बरा माई की जयंती की पूर्वसंध्या पर मंगलवार को दीपोत्सव कार्यक्रम हुआ। मंदिर में एक साथ सवा लाख दीपक जलाएं गए।
