राजनांदगांव , राजनांदगांव-कांकेर बार्डर डिवीजन के 6 नक्सली पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं। मानपुर- कांकेर के अलावा गढ़चिरौली की फोर्स भी इन्हें ढूंढ रही है। लेकिन लगातार लोकेशन बदलकर ये नक्सली खुद को बचा रहे हैं।
राज्य को 31 मार्च तक नक्सल मुक्त बनाने की घोषणा की गई है। ऐसे में फोर्स के साथ सामने सिर्फ 15 दिन का समय ही शेष है। तय डेडलाइन तक इन नक्सलियों को गिरफ्तार करना होगा या एनकाउंटर। पुलिस लगातार इन नक्सलियों से सरेंडर की अपील कर रही है। कुछ फोन नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं, जिनके माध्यम से ये नक्सली आत्मसमर्पण कर दें। लेकिन लगातार नक्सली सरेंडर की अपील को दरकिनार कर रहे हैं। सरेंडर की अपील लेकर पुलिस इनके परिजनों तक भी पहुंच चुकी है। संगठन के सभी बड़े लीडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं, लेकिन लंबे समय से सक्रिय 6 नक्सली हथियार छोड़ने तैयार नहीं हो रहे हैं। अब पुलिस के सामने 15 दिन के भीतर इनकी गिरफ्तारी या एनकाउंटर करने का ही रास्ता बचा है। शनिवार को मानपुर पुलिस की टीम इनके कैंप तक भी पहुंच गई थी, लेकिन नक्सली भाग निकले।
इन नक्सलियों के औंधी के कोहका टोला जंगल में मौजूदगी की सूचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद मानपुर और कांकेर जिले की फोर्स ने ज्वाइंट ऑपरेशन शुरु किया। शनिवार को फोर्स नक्सलियों के कैंप के करीब पहुंच गई थी, लेकिन सभी नक्सली मौके से भागने में सफल हो गए। हालाकि पुलिस ने नक्सलियों के कैंप से इंसास रायफल, 15 नग जिंदा कारतूस सहित बड़ी मात्रा में दवाईयां, दैनिक उपयोग की सामग्री जब्त की है।
आरकेबी डिविजन के 6 नक्सली ही सक्रिय हैं। जिन्हें सरेंडर की अपील की जा रही है। कोहकाटोला जंगल में इनके मौजूदगी की सूचना मिली थी, लेकिन फोर्स को देखते ही सभी घने जंगल की ओर भाग निकले। बड़ी मात्रा में नक्सलियों का सामान जब्त किया गया है। -वायपी सिंह, एसपी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी
आरकेबी डिवीजन के जो 6 नक्सली शेष बचे हैं। उनमें महिला कमांडर हिड़मे, राजे, मंगेश के साथ तीन अन्य शामिल हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सभी 6 सदस्य लोकेशन बदल-बदलकर एक साथ घूम रहे हैंं। पुलिस के बढ़ते दबाव को देखते हुए सभी महाराष्ट्र की जंगल की ओर भाग निकले हैं। गढ़चिरौली पुलिस के ऑपरेशन के दौरान सभी वापस छग के जंगल में आकर छिप जाते हैं। लंबे समय तक एक हिस्से में समय नहीं बीता रहे हैं।
इधर महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में भी नक्सलियों के खिलाफ अंतिम दौर में ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। यहां सालभर में 300 से अधिक नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इनमें सभी बड़े कैडर के नक्सली शामिल हैं। हालाकि पुलिस की लिस्ट में कुछ ऐसे नक्सलियों के नाम हैं, जो अभी तक जंगल में सक्रिय हैं। जिनकी तलाश में ऑपरेशन तेज किया गया है, इसके लिए दोनों राज्य की फोर्स भी इनपुट शेयर कर रही है।
