ग्वालियर
एमआईटीएस कालेज में ड्रोन स्कूल बनकर तैयार हो चुका है। जिसका उद्दघाटन केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया गुरुवार को करेंगे। इस स्कूल में ड्रोन उड़ाने से लेकर बनाने का हुनर सीखकर छात्र अपना उज्ज्वल भविष्य बना सकेंगे।
ड्रोन स्कूल संचालन के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी और एमआईटीएस के बीच एमओयू साइन हुआ है। इस ड्रोन स्कूल में तीन महीने से लेकर एक साल तक के कोर्स संचालित होंगे। जिसकी शुरूआत स्कूल के शुभारंभ के साथ हो जाएगी। स्कूल में सभी आवश्यक साधन संसाधन व ड्रोन की उपलब्धता हो चुकी है। ड्रोन जिस स्थान से उड़ाना सिखाया जाएगा वह भी बनकर तैयार हो चुका है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी की टीम बुधवार को ग्वालियर पहुंच जाएगी। गौरतलब है िकि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पिछले साल 11 दिसंबर को ग्वालियर में आयोजित ड्रोन मेले में मध्य प्रदेश में 5 ड्रोन स्कूल खोलने की बात कही थी। ये स्कूल इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और सतना में खुलेंगे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सिंधिया की घोषणा को अमलीजामा पहना दिया है। एमआईटीएस के डायरेक्टर प्रो आरके पंडित का कहना था कि ड्रोन स्कूल में छात्रों के लिए सभी सुविधाएं मौजूद होंगी।
प्रैक्टिकल क्लास भी दी जाएगी
ड्रोन की प्रैक्टिकल क्लास के लिए कॉलेज के एक बड़े मैदान को आरक्षित किया गया है। वहीं इस कोर्स में 3 महीने से लेकर एक साल तक के ड्रोन पायलट कोर्स होंगे। जिसके लिए शुरूआत में 30 सीटों पर ही प्रवेश रखा गया है। इसमें न्यूनतम 12 पास युवाओं को ड्रोन स्कूल में दाखिला मिल पाएगा। ड्रोन स्कूल के लिए ट्रेनिंग और ड्रोन उड़ाने की गाइडलाइन तैयार हो चुकी है। फरवरी महीने में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय ड्रोन अकादमी भर्ती विज्ञापन जारी कर चुकी थी। जिसमें प्रवेश और नियमावली का पूरा उल्लेख रखा गया।
