राजनांदगांव। ज्ञात हो कि विश्व में वर्तमान समय में कोरोना महामारी जैसे भयवाह बिमारी का प्रकोप चल रहा है जिसे देखते हुए सम्पूर्ण भारत में भारत वर्ष के लोगो की स्वास्थ को ध्यान में रखते हुए 22 मार्च से लॉकडाउन का दौर चल रहा है जिसके कारण से दैनिक दिनचर्या मे बहुत से उतार चड़ाव देखने को मिल रहा है। किन्तु ऐसे विषम परिस्थितियो में प्राइवेट स्कूल संचालकों द्वारा स्कूली छात्रों के परिजनों से कॉल एवं मैसेज के माध्यम से शुल्क के लिए बाध्य किया जा रहा है जो कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 का उलंघन खुलकर इन प्राइवेट स्कू लों द्वारा किया जा रहा है। जिसकी शिकायत जिलाधीश महोदय से किया गया। छात्रनेत्री अंशिका यादव एवं चंदना श्रीवास्तव ने दो टूक शब्दों में जिला प्रशासन को कहा कि लॉकडाउन की अवधि की सम्पूर्ण स्कूली शुल्क माफ किया जावे और शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 का उलंघन करने वाले पर कठोर एवं दण्डात्मक कार्यवाही की जाए। इन स्कूल संचालकों पर दण्डात्मक कार्यवाही नहीं की गई तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विशाल रूप में आन्दोलन हेतु बाध्य होगी जिसकी जवाब देही जिला प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपते वक्त जिला संगठन मंत्री गौरव सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य चिन्टु सोनकर, नगर सहमंत्री कमलेश प्रजापति, आंशीष सोरी, अंशिका यादव, चंदना श्रीवास्तव मुख्य रूप से उपस्थित थे।
