जयपुर. राजस्थान में टिड्डियों का प्रकोप लगातार बना हुआ है और इस खतरे पर नियंत्रण के प्रयास भी लगातार जारी हैं. जयपुर जिले में भी टिड्डियां लगातार मंडरा रही हैं. शनिवार रात जिले के विराटनगर और आमेर तहसील के गांवों में कीटनाशक का छिड़काव कर 150 हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डियों का नियंत्रण किया गया. विराटनगर क्षेत्र के गांवों में दुर्गम और पहाड़ी इलाका होने के चलते कीटनाशक छिड़काव में ड्रोन का सहारा लिया गया.
इससे पहले जयपुर के ही सामोद इलाके में ड्रोन से टिड्डियां मारी गईं थी. जिन इलाकों में वाहन और स्प्रेयर नहीं पहुंच पा रहे हैं, वहां ड्रोन से टिड्डी नियंत्रण में खासी मदद मिल रही है. कृषि विभाग और टिड्डी चेतावनी संगठन द्वारा संयुक्त रूप से अभियान चलाकर टिड्डियों का खात्मा किया जा रहा है. राजस्थान में 11 अप्रैल से टिड्डियों का प्रकोप शुरू हुआ था, जबकि जयपुर जिले में पहली बार 20 मई को टिड्डियों की एंट्री हुई थी. तब से अब तक टिड्डियां लगातार जिले में बनी हुई हैं और इन्हें नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में अभियान चलाया जा रहा है.
विराटनगर क्षेत्र के गांवों में एक किलोमीटर चौड़े और 3 किलोमीटर लंबे टिड्डी दल का प्रवेश हुआ था, जबकि आमेर क्षेत्र में डेढ़ किलोमीटर लंबे और 300 मीटर चौड़े टिड्डी दल ने हमला बोला था. विराटनगर क्षेत्र में 4 वाहन और 3 माउंटेड स्प्रेयर और आमेर क्षेत्र में 2 वाहन और 3 माउंटेड स्प्रेयर की मदद से टिड्डी दल का नियंत्रण किया गया. कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक विराटनगर क्षेत्र में 230 हेक्टेयर में और आमेर क्षेत्र में 80 हेक्टेयर में टिड्डियों का प्रकोप था. इसमें से करीब 150 हेक्टेयर में टिड्डी नियंत्रण किया गया. विराटनगर के पास छिंड, बिहाझर और जोधुला गांव में कीटनाशक छिड़काव किया गया, जबकि आमेर क्षेत्र के हसन तलाई और खोर मीना गांव में टिड्डी नियंत्रण किया गया.
