राजनांदगांव। सेनटाईजर खरीदी में सुर्खियों में आए राजनांदगांव नगर पालिक निगम अब सेनटाईजर डंप कर उससे ‘अपनों के हाथ साफ करने’ की तैयारियों में घिर गया है। नगर निगम के इंदिरा नगर पानी टंकी शासकीय कार्यालय में गुरूवार को बड़े पैमाने पर सेनेटाईजर की बोतल वाली पेटियां पाए जाने के मामले में निगम के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा अपनी जवाब देही सुनिश्चित नहीं किए जाने से बौखलाए भाजपा पार्षद दल ने नंदई चौक में चक्काजाम कर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की। इस दौरान धारा 144 के उलंघन में पुलिस ने उन्हे गिरफ्तार कर लिया। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते नगर निगम क्षेत्र के चिन्हाकिंत लोगों को बांटने के लिए बड़े पैमाने पर सेनेटाईजर की खरीदी की गई है। शुरूआती दौर में ही सेनेटाईजर खरीदी में खरीदी नियमों को लेकर भाजपा पार्षद दल ने उंगलिंया उठाई और शिकायतें भी की पर सत्ता सरकार के प्रभाव के चलते मामले में किसी भी प्रकार की जांच कार्रवाई ठोस नतीजे पर ०नहीं पहुंच पाई। गुरूवार को भाजपा पार्षद को सूचना मिली कि नगर निगम के इंदिरा नगर पानी टंकी के पास स्थित शासकीय गोदाम में बड़े पैमाने पर सेनेटाईजर की पेटी रखी हुई है। भाजपा पार्षद की नेता, पूर्व महापौर श्रीमती शोभा सोनी तत्काल अपने भाजपा पार्षदों के साथ मौके पर पहुंची। मौके पर करीब तीन सौ पेटियों में लगभग 15 लाख रूपए के सेनटाईजर पाए गए। मामले में काफी देर तक भाजपा पार्षद दल मौके पर ही धरने में बैठे रहे। वे निगम या जिला प्रशासन के किसी सक्षम अधिकारी को मौके पर पहुंचने की मांग करते रहे पर किसी भी अधिकारी के कान में जूं तक नहीं रेंगी। आखिर में पार्षद नगर निगम में सेनेटाईजर घोटाले का आरोप लगाते हुए नंदई चौक में चक्का जाम पर बैठ गए। इस दौरान नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष शिव वर्मा, पार्षद किसुन यदु, पारस वर्मा, गप्पू सोनकर, आशीष डोंगरे, विजय राय, गगन आईच सहित अन्य भाजपा पार्षद उपस्थित थे। सूचना मिलते ही सीएसपी मणी शंकर चंद्रा टीआई राजेश साहू मौके पर पहुंचे। कुछ देर तक समझाने का प्रयास किया गया, आखिर में जब वे नहीं माने तब पुलिस ने धारा 144 का उलंघन मानकर गिरफ्तार कर लिया।
