छत्तीसगढ़ के सभी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को शामिल होने का आह्वान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अप्रैल को परीक्षा पे चर्चा के पांचवें संस्करण में छात्रों का परीक्षा का तनाव दूर करेंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को कहा कि महामारी के चलते दो साल बाद स्कूल से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्र फिजिकल मोड से परीक्षा देंगे। ऐसे समय में प्रधानमंत्री का यह वार्षिक कार्यक्रम उन्हें तनाव दूर करने और भयमुक्त होकर परीक्षा देने में सहायक होगा। उन्होंने छात्र, शिक्षक और अभिभावकों से इस कार्यक्रम से जुड़ने की अपील की।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अप्रैल को दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में सुबह 11 बजे परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के पांचवें संस्करण में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से संवाद करेंगे। इसमें 9वीं से 12वीं कक्षा तक के एक हजार छात्र शामिल होंगे। तालकटोरा स्टेडियम में अधिकतर छात्र दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद आदि के सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले होंगे।
इसके अलावा देशभर के केंद्रीय विद्यालय और जवाहर नवोदय विद्यालय स्कूलों के छात्र सीधे प्रधानमंत्री से लाइव सवाल कर सकेंगे। प्रधान ने कहा कि परीक्षा के नाम से बच्चों में घबराहट होती है। पीएम ने बच्चों को परीक्षा के तनाव से मुक्ति दिलाने के उपाय के लिए इस कार्यक्रम के जरिये अनोखा प्रयोग शुरू किया है। इसमें वह खुद बच्चों की काउंसलिंग करते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम छात्रों और युवाओं के बीच राष्ट्रीय अभियान के तौर पर स्थापित होने लगा है। फ़िलहाल यह स्कूल के बच्चों के स्तर पर है, जिसे धीरे धीरे उच्च शिक्षा के छात्रों के बीच भी लेकर जाया जाएगा।
इससे पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में छात्रों से इस कार्यक्रम में जुड़ने का आह्वान किया था। इसमें लिखा था कि आइए तनावमुक्त परीक्षाओं पर एक बार फिर चर्चा करें। परीक्षार्थियों, उनके अभिभावकों और अध्यापकों को इस साल एक अप्रैल को परीक्षा पे चर्चा में शामिल होने का आह्वान करता हूं।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “1 अप्रैल को सुबह 11 बजे दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का पांचवा संस्करण आयोजित किया जाएगा. इसमें 9वीं से 12वीं कक्षा तक के 1 हज़ार छात्र शामिल होंगे.” उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में ज्यादातर दिल्ली-एनसीआर, यूपी और हरियाणा के सरकारी और निजी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे शामिल होंगे. इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया जाएगा.
इस बार किए गए हैं खास इंतज़ाम
इस बार खास बात यह है कि भारत के सभी राज्यपाल राजभवनों में छात्रों और शिक्षकों के साथ परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में शामिल होंगे. धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि इसके साथ ही उन देशों में जहां भारतीय लोग बड़ी संख्या रहते हैं वहां दूतावासों में यह कार्यक्रम दिखाया जाएगा. केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों में भी इस कार्यक्रम को आयोजित किया जाएगा.
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “कोरोना महामारी के बाद पूर्ण रूप से परीक्षा आयोजित की जा रही है. इस तरह के कार्यक्रम से बच्चे दबाव मुक्त होते हैं.”
राज्यपाल भवन भी कार्यक्रम से जुड़ेगा
प्रधान ने कहा कि सभी राज्यों के राज्यपाल अपने अपने प्रदेशों में बच्चों के साथ इस कार्यक्रम से जुड़ेंगे। इसके लिए राज्यपाल भवन में बच्चों को बुलाया जाएगा। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, एनआईटी समेत उच्च शिक्षण संस्थान भी इसमें शामिल होंगे। वे ऑनलाइन कार्यक्रम में जुड़ेंगे। इसके अलावा उन देशों में जहां भारतीय लोग बड़ी संख्या रहते हैं, वहां दूतावासों में यह कार्यक्रम दिखाया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में आनलाइन परीक्षा का आदेश जारी किया गया है तो दूसरी तरफ देश के कई अन्य प्रदेशों में आफलाइन परीक्षा को लेकर हंगामा किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में तो राज्य सरकार ने कालेजों की परीक्षा आनलाइन कराने के लिए आदेश जारी करवा दिया है। वहीं सीबीएसई की परीक्षा के उत्सव की तैयारी की जा रही है। इसके तहत सभी केंद्रीय स्कूलों में बच्चों को प्रेरित करने के साथ ही उनकी काउंसिलिंग भी कराई जा रही है। इसको लेकर भारत सरकार की ओर से भी सभी स्कूलों को पत्र भेजा गया है।
