छुईखदान। छुईखदान जनपद पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। कुछ दिनों पहले नपं छुईखदान में अविस्वास प्रस्ताव में डा. दीपाली जैन को अध्यक्ष की कुर्सी से हाथ धोना पड़ा था। भाजपा-कांग्रेस के पार्षदों ने मिलकर डा.दीपाली जैन को पद से हटा दिया था। अविश्वास प्रस्ताव पर मुहर लगते ही इसकी आंच अब जनपद पंचायत तक पहुंच गई गई। खैरागढ़ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव का दौर चल रहा है। एक तरफ छुईखदान नगर पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव लाकर अध्यक्ष पद से डा.दीपाली आशीष जैन को हटाया गया तो वहीं दूसरी तरफ गंडई नगर पंचायत के अध्यक्ष श्यामपाल ताम्रकार को हटाने के लिए 11 पार्षदों के द्वारा कलेक्टर को आवेदन दे चुके हैं। जिस पर 21 मार्च को चुनाव संपन्ना होना। छुईखदान जनपद पंचायत में भी अविश्वास प्रस्ताव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। गुरुवार दोपहर छुईखदान रेस्ट हाउस में लगभग 12 से 13 जनपद सदस्यों की बैठक हुई। बैठक में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर रणनीति तैयार की गई।
जपं अध्यक्ष से सदस्यों में नाराजगी
बताया जा रहा है कि जनपद सदस्यों में अध्यक्ष के प्रति नाराजगी है। जनपद सदस्यों को उनके मद की जानकारी नहीं दिए जाने के साथ-साथ नियम विरुद्ध सामान्य सभा की बैठक संपन्ना कराने से नाराजगी है। क्षेत्र में चर्चा है कि नगर पंचायत के बाद छुईखदान जनपद पंचायत में भी जल्द अविश्वास लाया जा सकता है। जनपद सदस्यों व अध्यक्ष के बीच का मनमुटाव आज पूरे विकासखंड में चर्चा का विषय बना हुआ है। पूर्व विधायक देवव्रत सिंह के निधन के बाद क्षेत्र में अन्य कोई जनप्रतिनिधि नहीं हैं जो नाराज सदस्यों को मनाकर एक कर सकें। देवव्रत सिंह के 18 समर्थक चुनाव जीतकर आये थे। जिसे कांग्रेस प्रवेश कराकर कांग्रेस अध्य्क्ष बनाया गया था। लेकिन जनपद अध्यक्ष के अलावा दूसरे सदस्यों की कांग्रेस में पूछ परख नहीं के सामान रही। जिससे भी सदस्यों में अध्यक्ष के खिलाफ नाराजगी देखी जा रही है।
