राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ श्री वैष्णव महासभा के कार्यालय सचिव एडी निर्मोही एवं हलधर दास वैष्णव ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि विगत दिनों स्थानीय बाला बाबा मंदिर में छ.ग. श्री वैष्णव महासभा की आवश्यक बैठक संपन्न हुई। जिसमें सर्वप्रथम भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा अर्चना स्तुति किया गया। तत्पश्चात बैठक को सम्बोधित करते हुए छ.ग. श्री वैष्णव महासभा के प्रदेश सलाहकार देवकुमार निर्वाणी ने कहा कि संगठनात्मक एकता से ही समाज की उन्नति सन्निहित है। युद्ध एकता से ही जीता जा सकता है, संगठन की शक्ति में विशाल शक्ति निहित है। समाज के सभी लोगों को एक राय से चलना चाहिये तभी समाज का उन्नति होगा। मंडलेश्वर अनुपदास ने कहा कि एक विभूति को स्थापित करने के लिये सैकड़ों विभूतियों का निर्माण करने वाले महानदान वीर वैष्णव राजाओं द्वारा निर्मित बलरामदास शासकीय बहुउद्देशीय स्टेट स्कूल को सरकार योजना पूर्वक खत्म करना चाहता है। श्री वैष्णव महासभा इसका कड़ा विरोध करता है। इसके लिये जमीनी लड़ाई, धरना प्रदर्शन, क्रमिक भूख हड़ताल आमरन अनशन करना पड़े तो भी छ.ग श्री वैष्णव महासभा पीछे नही हटेगा। बैठक में प्रमुख पदाधिकारियों ने अपने सारगर्भित विचार रखें सर्वश्री चन्द्रशेखर वैष्णव, शिव कुमार वैष्णव, जागेश्वरदास वैष्णव, ईश्वरदास वैष्ण्व, गोवर्धन वैष्णव, विवेक वैष्णव, ढालेश वैष्णव ने अपने विचार व्यक्त किये। बैठक का संचालन संदीप वैष्णव जिला सचिव एवं जागेश्वरदास वैष्णव ने संयुक्त रूप से की। आभार प्रदर्शन तजेन्द्रदास वैष्णव मंडल सचिव राजनांदगाँव द्वारा किया गया। बैठक में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि ४ मार्च दिन शुक्रवार को राजा महंत बलरामदास विद्यालय जो स्वयं में विभूतियों का निर्माण करता है उसे योजना छल पूर्वक स्वामी आत्मानंद विद्यालय के नाम से स्थानांतरण करने का छत्तीसगढ़ श्री वैष्णव महासभा पूरजोर विरोध करते हुए ४ मार्च को कलेक्ट्रेट के सामने विशाल धरना देने का निर्णय लिया गया है। बैठक में वैष्णव समाज के सदस्यगण अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित हुए सर्व श्री नारायणदास वैष्णव, महेन्द्र वैष्णव, विवेक निर्वाणी, प्रशांत वैष्णव, राजू वैष्णव, हिरेन्द्र वैष्णव, शिव कुमार वैष्णव, ऋषभ वैष्णव, वैभव निर्वाण के अलावा वैष्णवजन उपस्थित थे। तदशय की जानकारी कार्यालय सचिव एडी. निर्मोही एवं हलधरदास वैष्णव ने संयुक्त रूप से दी।
