राजनांदगांव- राजनांदगांव शहर के शिवनाथ नदी के तट पर प्रति माह प्रदोष तिथि की संध्या होने वाले शिव गंगा महा आरती के 42 वी कडी के मौके पर श्रध्दालू वर्चुअल रुप जुडे और आस्था एवं भक्ति मे लीन दिखाई दिये । माघ महिने मे पवित्र नदियो मे स्नान ,पूजन एवं आरती करना को शुभ माना जाता है माघ महिने के त्रयोदशी को राजनांदगांव शहर के मोहारा स्थित शिवनाथ नदी के तटपर शिव गंगा महाआरती के मौके पर श्रध्दालू वर्चुअल माध्यम से जुडे और आस्था एवं भक्ति मे लीन दिखाई दिये ।माघ माह मे पवित्र नदियो मे स्नान पूजा और आरती करना को शुभ माना गया है । सोमवार की संध्या शिवनाथ के नदी के तट पर आयोजित शिव गंगा महाआरती की 42 वी कडी पंडित अनिल आचार्य के अगुवाई मे समपन्न हुई । इस अवसर पर शिव गंगा महाआरती के संयोजक आलोक शर्मा परमानंद रजक और हफीज खान सहित श्रद्धालु महिलाएं शामिल हुई । जल को सहजने और नदियों के संरक्षण के लिए प्रतिमाह के प्रदोष तिथि पर शिवगंगा महाआरती का आयोजन किया जाता है। प्रदोष तिथि पर भगवान शिव और मां गंगा की आरती का विशेष महत्व होता है।शिवनाथ नदी में जल की उपलब्धता बरकरार रखने के लिए मां गंगा से विशेष प्रार्थना की गई। इस अवसर पर पंडित अनिल आचार्य माहाराज का कहना है कि श्रद्धा भक्ति के साथ प्रतिमाह संपन्न हो रही आरती के प्रताप से ही सालभर शिवनाथ नदी का जलस्तर कम नहीं हुआ। मोहरा एनीकट में पानी प्रर्याप्त मात्रा में रही। पंडित अनिल आचार्य का कहना है कि हिन्दू धर्म मे माघ के महिने का विशेष महत्व है,पुराणो मे माघ के महिने को मोक्ष का महिना माना गया है ।ऐसा माना जाता है कि इस महिने पवित्र नदियो मे स्नान पूजा और आरती करने को शुभ माना जाता है ।
द ट्रायो जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए दृढ संकल्पित होकर प्रति माह के प्रदोष तिथी पर शिव गंगा महा आरती का आयोजन कर लोगो को जल के महत्व और नदियो के संरक्षण के लिए प्रेरित करने जुटी हुई है इसी का प्रतिफल रहा है कि शिवनाथ नदी का जल साल भर बरकरार रहा है और शाहर वासीयो के बीच जल की उपलब्धता बनी हुई है ।





