राजनांदगांव। कांग्रेस विधायक छन्नाी साहू के पति चंदू साहू को चौथे दिन न्यायालय से जमानत मिल गई है। जमानत होने पर विधायक छन्नाी अपनी मोपेड पर ही पति को लेने जिला जेल पहुंची और पति को लेकर मोपेड से ही गांव लौटी। न्यायालय में आदिवासी समाज के लोग भी पहुंचे थे, जिन्होंने विधायक पति चंदू साहू की जमानत के लिए अर्जी लगाई थी।
विशेष न्यायाधीश एट्रोसिटी एक्ट मंसूर अहमद की अदालत ने 25 हजार रुपये की जमानत दी। जमानत होने के बाद शहर के मानव मंदिर चौक पर विधायक पति चंदू साहू का समर्थकों ने फूल-माला से स्वागत किया। जेल से जमानत लेकर बाहर आए विधायक पति चंदू साहू ने कहा कि मैं आदिवासी समाज का सम्मान करता हूं। इसी सम्मान को बनाए रखने और क्षेत्र में शांति व्यवस्था के लिए ही मैं जेल गया था।
खुज्जी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक छन्नाी साहू के पति चंदू साहू पर आदिवासी युवक के साथ गाली-गलौज के मामले में एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। अपराध दर्ज होने के बाद विधायक छन्नाी ने पुलिस प्रशासन पर एकपक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाया था। विधायक ने तीन दिन पहले अपने पति को पुलिस अधीक्षक कार्यालय ले जाकर सरेंडर कराया था।
इसके बाद पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया था। तीन दिन जेल में रहने के बाद चौथे दिन मंगलवार को विशेष न्यायाधीश एट्रोसिटी एक्ट मंसूर अहमद की कोर्ट में विधायक पति को जमानत मिली। जमानत के लिए छुरिया घुपसाल में रहने वाले आदिवासी समाज के तुलसराम उइके भी कोर्ट पहुंचे थे। जमानत मिलने के बाद विधायक छन्नाी साहू अपने पति चंदू साहू को
लेने मोपेड से जिला जेल पहुंची थी।
रेत माफियाओं के खिलाफ उठाई थी आवाज : जमानत पर जेल से बाहर आए विधायक पति चंदू साहू ने कहा कि रेत माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाने पर मेरे खिलाफ एफआइआर दर्ज किया गया है। मैं आदिवासी समाज का सम्मान करता हूं। आदिवासियों के सम्माना और क्षेत्र की शांति के लिए ही मैं जेल गया था। विधायक पति के जेल से रिहा होने पर समर्थकों ने शहर के मानव मंदिर चौक पर पटाखे जलाएं। वहीं फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया।
यह था पूरा मामला
बीते चार दिसंबर को खुज्जी विधायक अपने पति और सुरक्षा कर्मियों के साथ रायपुर जा रहे थे। तभी छुरिया वन डिपो के पास रेत से भरी मालवाहक को देख विधायक पति चंदू साहू ने गाड़ी रूकवाई और पूछताछ कर रेत के अवैध परिवहन को लेकर खनिज विभाग से मौखिक शिकायत की थी। इस दौरान मालवाहक चालक ने बहस तक हुई थी।
इसी मामले में मालवाहक के आदिवासी चालक बीरसिंह ने गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए विधायक पति के खिलाफ अजाक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विधायक पति की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आदिवासी समाज के लोगों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी तक दी थी।
