शिक्षाकर्मियों के प्रान नंबर निर्माण में लगातार हो रही लापरवाही को लेकर जानकारी नगरीय प्रशासन के सचिव महोदय तक पहुंच गई है और जिस प्रकार का खेल स्थानीय कार्यालयों द्वारा खेला जा रहा है उसे लेकर वह काफी नाराज हैं । नगरीय प्रशासन के अपर संचालक ने इस संबंध में पत्र जारी करके उन सभी शिक्षकों और कर्मचारियों की जानकारी तत्काल डाटा सेंटर में मंगाई है जिनका प्रान अकाउंट जनरेट नहीं हुआ है । स्थानीय कार्यालयों के रवैये से परेशान संविलियन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक विवेक दुबे ने नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक सौमिल चौबे को प्रान एकाउंट में हो रही लापरवाही से अवगत कराया था और बताया था कि बड़ी मात्रा में लंबे समय से दे रहे सेवा दे रहे शिक्षाकर्मियों का प्राण अकाउंट जनरेट नहीं किया गया है जबकि इसके लिए वह कई बार आवेदन दे चुके हैं ऐसे में उन्हें काफी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है साथ ही संविलियन के बाद वेतन भुगतान में भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ेगा जिसके बाद अपर संचालक सौमिल चौबे और विभागीय सचिव ने पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए शिक्षाकर्मियों की समस्याओं को हल करने की दिशा में पहल किया है । साथ ही पूर्व में जारी निर्देशों की अवहेलना करने के लिए पत्र में स्थानीय अधिकारी कर्मचारियों को फटकार भी लगाई है ।
त्वरित कार्यवाही के लिए धन्यवाद – विवेक दुबे
बीते कई वर्षों से सेवा दे रहे हमारे शिक्षाकर्मी साथियों का स्थानीय कार्यालयों में कई बार आवेदन देने के बावजूद प्रान अकाउंट नहीं बन पाया है जिसकी जानकारी हमने नगरीय प्रशासन के संचालक सौमिल चौबे सर को दी थी जिसके बाद उन्होंने हमसे ऐसे शिक्षाकर्मियों की सूची भी मांगी है जो हमने उन्हें उपलब्ध करा दी है साथ ही विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निम्न कार्यालयों को भी निर्देशित कर दिया है जिस से उम्मीद है कि जल्द ही शिक्षाकर्मियों की यह समस्या हल हो जाएगी और सभी शिक्षाकर्मियों के प्रान अकाउंट बन जाएंगे । साथ ही बन चुके प्रान अकाउंट में काटी गई राशि डलवाने और पंचायत विभाग के शिक्षाकर्मी साथियों के लिए भी विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत कराते हुए प्रयास जारी है ।
